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‘सरकार का यह कैसा अर्थशास्त्र, ऐसे माहौल में डीजल-पेट्रोल के रेट बढ़ा दिए’, लोगों ने जताई नाराजगी

Wed, 06 May 2020 08:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार का यह कौन सा अर्थशास्त्र है। लोगों के पास खाना खाने को पैसे नहीं हैं। राशन के पैसे नहीं हैं। नौकरियों पर संकट बना हुआ है। उद्योग बंद हैं और सरकार अपना खजाना भरने के लिए लोगों की जेबों पर डाका डाल रही है। 
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लोगों ने कुछ इसी अंदाज में अपनी नाराजगी व्यक्त की। लोगों का कहना है कि सरकार को डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं करनी थी। सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ा दिया है। 

इससे दिल्ली में अब पेट्रोल 1.67 रुपये और डीजल 7.10 रुपये महंगा हो गया है। लॉकडाउन के कारण पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों पर इस महंगाई से दोहरी मार पड़ी है। उनका कहना है कि केजरीवाल सरकार जनता को परेशान कर रही है। इस समय राहत देने के लिए दाम कम करने चाहिए थे, जबकि सरकार ने दाम और बढ़ा दिए।
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दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि करीब डेढ़ महीने से दुकानें बंद होने से व्यापारी काफी परेशान हैं। पहले से ही आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। सरकार ने दाम बढ़ाकर आम लोगों की परेशानी को और भी बढ़ा दिया है।
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नेहरू प्लेस में रहने वाले महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पेट्रोल के साथ-साथ डीजल के दाम में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे माल भाड़ा भी बढ़ेगा और बाकी जरूरत की चीजें महंगी हो जाएंगी। यह लोगों की जेब पर और ज्यादा बोझ डालेगा।

रोहिणी में रहने वाले रोहित मिश्रा ने कहा कि करीब एक महीने बाद उनका कार्यालय खुला है। पहले दिन ही डीजल के दाम 7.10 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। ऐसे में गाड़ी से रोज ऑफिस जाना काफी महंगा पड़ेगा।
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