अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) ने जैव विविधता को समझने और उसके संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत संडे स्पाइडर एंड इंसेक्ट वॉक एनजेडपी का आयोजन किया गया। इस नागरिक विज्ञान कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मकड़ियों और कीड़ों की दुनिया से जोड़ना और उनकी प्रजातियों का दस्तावेज तैयार करना है। पहली वॉक 19 जुलाई को सुबह 7 से 10 बजे तक आयोजित की गई। इसमें प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और जैव विविधता में रुचि रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
नेचरलिस्ट और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर अशीर कुमार ने प्रतिभागियों को मकड़ियों और कीड़ों की पहचान, उनके व्यवहार और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने जू परिसर में मकड़ियों की सात प्रजातियों और कीड़ों की आठ प्रजातियों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया। इस दौरान 1000 से अधिक मकड़ियों और कीड़ों से जुड़ी जानकारियां दर्ज की गईं। मकड़ियों की प्रमुख प्रजातियों में ट्विन-टेल्ड स्पाइडर, थिन-लेग्ड वुल्फ स्पाइडर, हेवी-बॉडी जम्पर, टू-स्ट्राइप्ड जम्पर और स्पॉटेड ऑर्ब-वीवर शामिल रहीं। वहीं कीड़ों में स्टिंक बग, पेपर वास्प, कारपेंटर बी, होवर फ्लाई और लेडीबर्ड बीटल जैसी प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया।