डीएम एनपी सिंह और एसएसपी किरण एस. का एक ठौर-ठिकाना न होने की वजह से पब्लिक और उनके मातहत पूरी तरह से कनफ्यूज हैं। इतना ही नहीं फरियादी भटक भी रहे हैं। फरियादी को यह नहीं पता कि एसएसपी साहब कब नोएडा सेक्टर-14 ए स्थित कार्यालय में मिलेंगे और वह कब सूरजपुर स्थित अपने कार्यालय चले जाते हैं। यही हाल डीएम साहब का भी है। डीएम साहब का कैंप कार्यालय व आवास ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर में है मगर वह सेक्टर-27 से शिफ्ट नहीं कर रहे हैं।
जबकि जिले के दोनों ही शीर्ष अधिकारियों को बहुत पहले ही सूरजपुर शिफ्ट हो जाना था। शहर का प्रेम नहीं त्याग पा रहे हैं और सेक्टर-27 स्थित अपने कैंप आफिस व निवास में डटे हुए हैं। डीएम सूरजपुर में बने कलेक्ट्रेट में बैठते तो हैं, लेकिन एसएसपी किरण एस. सेक्टर-14ए स्थित ऑफिस में ही जमे बैठे हैं। जबकि उनका ऑफिस सूरजपुर में बनकर तैयार हो चुका है और 90 प्रतिशत स्टॉफ भी वहीं बैठता है। कभी-कभार एसएसपी सेक्टर-14 ए स्थित ऑफिस में बैठते हैं।
वहीं, जब उनका मन किया तो वह सूरजपुर ऑफिस निकल जाते हैं। ऐसे में एसएसपी से गुहार लगाने वाले पीड़िताें को भटकना पड़ता है। यही हाल डीएम एनपी सिंह का भी है, उन्हें सूरजपुर ऑफिस में बैठने के साथ-साथ सूरजपुर में ही बने अपने कैंप ऑफिस में शिफ्ट कर लेना चाहिए, ताकि ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ पब्लिक को भी राहत मिल सके। जिले के डीएम व एसएसपी का कैंप ऑफिस हमेशा उनके आवास में ही बना होता है।
ऐसे में 10 से 15 लोगों का पूरा स्टाफ उनके कैंप ऑफिस में होता है। दनकौर निवासी अवधेश का कहना है कि वह अपनी फरियाद लेकर एसएसपी साहब के सूरजपुर स्थित कार्यालय गए तो वहां पर उनके स्टॉफ ने बताया कि एसएसपी साहब आज यहां नहीं बैठेंगे वह सेक्टर-14 ए स्थित अपने ऑफिस में मिलेंगे। अवधेश ने बताया कि वह बस से किसी तरह सेक्टर-14 ए दोपहर करीब 1 बजे पहुंचे तो पता चला कि एसएसपी साहब ऑफिस से निकल चुके हैं। ऐसे अवधेश जैसे कितने फरियादी हैं जो डीएम कैंप कार्यालय व एसएसपी कार्यालय के चक्कर ही काटते रहते हैं।
करीब ढाई वर्ष पूर्व डीएम व एसएसपी का कार्यालय और कैंप ऑफिस ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर में बन कर तैयार हो चुका है। विगत डेढ़ वर्षो से डीएम और एसएसपी नोएडा सेक्टर-27 ए स्थित अपने कैंप ऑफिस से वहां शिफ्ट होने पर विचार बना रहे हैं, मगर आज तक अमल नहीं कर पाए। वहीं, तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह का भी नोएडा शहर से मोह भंग नहीं हो पा रहा था।
लखनऊ में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने 7 नवंबर 2014 को एक आदेश पारित किया था कि वह सप्ताह के दो दिन सूरजपुर स्थित ऑफिस में बैठेंगे। तभी सेक्टर-14 ए से 90 प्रतिशत स्टॉफ वहां शिफ्ट हो गया था। नियमत: एसएसपी-डीएम के कार्यालय और कैंप ऑफिस की दूरी बहुत कम होती है जिससे जिले के दोनों अधिकारी हमेशा पब्लिक के टच में रहें और उन्हें ज्यादा भागना न पड़े। मगर नोएडा शहर के मोह में फंसे यह दोनों अधिकारी पब्लिक के बारे में नहीं सोच पा रहे और सूरजपुर में बने स्थायी ठिकाने पर शिफ्ट नहीं हो रहे हैं।
ऐसे में दो जगह पर सरकारी आवास डीएम और एसएसपी को अलॉट है जबकि यहां अधिकारियों के लिए आवास की भारी कमी है। शायद दोनों अधिकारियों के यहां के आवास खाली हो जाएं तो जरूरतमंद अधिकारियों को वह आवास मिल जाएगा। वहीं, एसएसपी और डीएम के वहां शिफ्ट होने से वह पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। साथ ही रोजाना उन्हें 35 किलोमीटर अतिरिक्त नहीं चलना होगा, जिससे समय के साथ-साथ सरकारी ईंधन की भी बचत होगी।
डीएम-एसएसपी को पूर्ण रूप से ग्रेटर नोएडा शिफ्ट होना है, इसीलिए वहां पर प्रशासनिक भवन और आवास बनाए गए हैं। दोनों ही अधिकारी वहां शिफ्ट क्यों नहीं हो रहे हैं इस बाबत उनसे पूछा जाएगा। ऐसे में दोनों अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पब्लिक को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।
- आलोक सिन्हा, कमिश्नर मेरठ मंडल