एक तरफ जहां चारों तरफ कोरोना को लेकर लोगों में खौफ बढ़ रहा है, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है। सेक्टर-9 स्थित राजकीय महिला कॉलेज में बनाए गए एकांतवास (क्वारंटीन) वार्ड की स्थिति देखकर तो यही लगता है।
यहां पर कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को रखने के लिए 400 बेड का एकांतवास वार्ड तैयार किया गया है, लेकिन मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों के लिए स्वच्छ पेय, हाथ धुलने के लिए साबुन, यहां तक कि स्वच्छ शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति तब है जब तीन दिन पहले ही सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद वार्ड का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दे चुके हैं। पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में मरीज सरकारी एकांतवास वार्डों को देखकर भाग खड़े होते हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में स्थिति यह है कि 400 बेड का वार्ड लगभग पूरी तरह से खाली पड़ा हुआ है।
सरकारी व्यवस्था से दूरी बना रहे मरीज
उल्लेखनीय है कि जिले में बड़ी संख्या में कोरोना के संदिग्ध मरीज हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर तैयारियों, सुविधा व संसाधन विहीन वार्डों से वह दूरी बनाना ही मुनासिब समझ रहे हैं। बीते दिनों सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल से एक महिला मरीज का बिना किसी को सूचित किए चले जाना इस बात का प्रमाण है। इन तमाम मुद्दों पर सीएमओ जेएस पूनिया से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।