पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी स्थित सेंट्रल पार्क के जीजी-1 ब्लॉक के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पानी की किल्लत इतनी अधिक है कि पानी के लिए लोगों को आधी रात में जागना पड़ता है। टूटी पड़ी सीवेज लाइनें, पार्कों की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं। यही नहीं, कुत्तों का खौफ भी सताता है। पिछले कुछ समय में करीब 100 से अधिक लोग इनका शिकार हो चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अमर उजाला संवाद के दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं पर खुलकर बात की। ज्यादातर लोगों की शिकायत थी कि पानी आने का कोई निर्धारित समय नहीं है। उनका दावा है कि अमूमन कई दिनों तक पानी नहीं आता।
वहीं, खराब सीवेज व्यवस्था के चलते कई बार सीवेज का गंदा पानी लोगों के घरों में भर जाता है। इससे बीमारियां पैदा होने का खतरा बना रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आलम यह है कि लोगों को रात में घर से बाहर निकलने में डर लगता है। पार्कों को हालात बेहद खराब है। इसके चलते लोग सैर पर भी नहीं आते।
आरडब्लूए को कार्य करने के लिए पर्याप्त फंड नहीं दिया जा रहा है। इलाके में समस्याएं बढ़ती जा रही है। लेकिन, हम अपने पैसे लगाकर कितना काम करवा सकते है। इसलिए सुधार की जरूरत है।
-सुधांशु
पार्कों की देखभाल के लिए प्रशासन की तरफ से कोई माली नियुक्त नहीं किया गया है। इससे पेड़ पौधों की छटाई नहीं हो पाती। पार्क की साफ-सफाई हमें खुद करनी पड़ती है।
-किशोर कुमार
इलाके के बहुत बड़ी एक समस्या सुरक्षा को लेकर है। इसको लेकर हमने कई बार पुलिस प्रशासन से भी मीटिंग की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि यहां पर एक बैरिकेड लगवाएंगे, लेकिन, अब तक कुछ नहीं हुआ।
-भूपेंद्र सिंह
सुबह फोन का व्हाट्सएप समुह केवल पानी आया या नहीं इसी से भरा रहता है। पानी की सप्लाई कब होती है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती। हम पानी की किल्लत से बहुत परेशान हैं।
-रश्मि बजाज
सीवर लाइन हर हफ्ते भर जाती है। इसका एकमात्र समाधान केवल नई सीवर पाइपलाइन डालना है। कई बार शिकायत करने के बाद भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।
-हरपाल सिंह