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अब पुलिस नहीं दे पाएगी धोखा, मोबाइल से होगी पीसीआर वाहनों की निगरानी

Mon, 31 Jul 2017 09:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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सांकेतिक चित्र
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गश्त के दौरान वाहनों पर तैनात पुलिसकर्मी अधिकारियों को लोकेशन बताने के मामले में गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे। गश्ती वाहनों की निगरानी के लिए बिसरख कोतवाली पुलिस ने सभी वाहनों को जीपीएस से लैस कर अन्य थानों व कोतवाली के लिए मिसाल पेश की है। अब, बिसरख क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों पर मोबाइल से ही अधिकारी नजर रख सकेंगे।  
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बता दें कि क्षेत्र के गश्त के दौरान कई बार वायरलेस पर लोकेशन बताने के दौरान पुलिसकर्मी सही जानकारी नहीं देते हैं। वह अपने क्षेत्र के गश्त के बजाय कई बार कहीं अन्यत्र चले जाते हैं और लोकेशन पूछने पर ड्यूटी वाले क्षेत्र में मौजूद होने की बता बताते हैं।

इससे कई बार अपराध की सूचना मिलने पर गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों को मौके पर पहुंचने में देरी होती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए बिसरख कोतवाली पुलिस ने दो लैपर्ड (बाइक) और पांच पीसीआर वाहनों को जीपीएस से लैस कर दिया है।
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अब, अधिकारी उनकी लोकेशन मोबाइल पर चेक कर संबंधित क्षेत्र के करीब मौजूद वाहन को सूचना देकर मौके पर भेज सकेंगे। इससे पीड़ित को समय पर मदद मिल पाएगी और गश्ती वाहनों की निगरानी भी हो सकेगी।  

लोकेशन देखकर भेजे जाएंगे वाहन  
स्टाफ की कमी से होने वाली समस्या को दूर करने के लिए संसाधनों का प्रयोग करना जरूरी हो गया है। जीपीएस की मदद से गश्ती वाहनों पर नजर रखी जा सकेगी और उनकी लोकेशन देखकर करीब मौजूद रहने वाले वाहन को घटना स्थल पर भेजा जा सकेगा।- राजेश शर्मा, बिसरख कोतवाली प्रभारी  
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