फरीदाबाद में अब अगर किसी खेत-खलिहान में लगा ट्रांसफार्मर चोरी होता है। तो उसकी लागत का भुगतान बिजली निगम नहीं करेगा। बिजली निगम ने चोरी गए ट्रांसफार्मरों के बदले लगाए जाने वाले ट्रांसफार्मर की प्रक्रिया के नियमों में बदलाव किया है।
अभी तक खेतों में चोरी होने वाले ट्रांसफार्मर की शिकायत एवं उसकी लागत बिजली निगम देता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियम के अंतर्गत किसान उपभोक्ता को चोरी हुए ट्रांसफार्मर की कुल लागत का 10 से 20 प्रतिशत का भुगतान देना होगा। भुगतान करने के बाद ही खेत परिसर में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा सकेगा। इसके अलावा चोरी की रिपोर्ट भी किसान ही लिखवाएगा।
दरअसल, खेताें में स्वतंत्र ट्रांसफार्मर लगाए जाते हैं, जिनकी देख-रेख की जिम्मेदारी खेत के मालिक की होती है। लेकिन बिजली निगम के पास ऐसे करीब 150 से अधिक मामले आएं है, जहां खेताें से ट्रांसफार्मर चोरी हो गया।
एसई आरएस यादव ने बताया कि मुख्यालय द्वारा यह निर्णय जारी किए गए है। जिसके बारे में संबंधित कार्यालयों व अधिकारियों को बता दिया गया है।