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'नजराना' देकर करें एक्सप्रेस के किसी भी कोच में करें सफर

Sat, 26 Apr 2014 05:51 PM IST
भोला पांडे/अमर उजाला, फरीदाबाद
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ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और क्षमता से अधिक काटे जा रहे टिकट सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का बड़ा कारण बन रहे हैं। ट्रेनों में यात्री बेशक सुरक्षित न हाें लेकिन कोच कंडक्टर (टीटीई) की मौज जरूर है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति कोच कंडक्टर को जुर्माना या नजराना देकर आसानी से किसी भी ट्रेन के किसी कोच में सफर कर सकता है।
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फिर इसमें चाहे यात्री हो या फिर यात्रियों के वेश में बदमाश। ऐसा सीन किसी भी ट्रेन में देखा जा सकता है। प्रस्तुत है यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान पर संवाददाता भोला पाण्डेय और फोटोग्राफर गौरव चौधरी की रिपोर्ट की तीसरी किस्त।

मुंबई ट्रैक की तीन स्टेशन सबसे असुरक्षित
फरीदाबाद। दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाले फरीदाबाद सेक्शन के तीन स्टेशन ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल सबसे असुरक्षित माने जाते हैं। ओल्ड स्टेशन को तो उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी है। इन स्टेशनों पर करीब दर्जनभर मेल एवं एक्सप्रेस गाड़ियां रुकती हैं। रात आठ बजे के बाद इन स्टेशनों पर कोई वर्दीवाला नजर नहीं आता। गाहे-बगाहे कोई दिखाई भी दे गया तो उसकी नजर कहीं और होती है। प्लेटफॉॅर्म पर सिर्फ यात्रियों की चहलकदमी बनी रहती है।
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ट्रेन नहीं धर्मशाला बन गई हैं एक्सप्रेस गाड़ियां

रात में स्टेशनों पर नहीं होता टीटीई
रात होते ही स्टेशनों से टीटीई भूमिगत हो जाते हैं। शुक्रवार रात 8 बजे जब ओल्ड स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर टीटीई की तलाश की गई तो वहां कोई नहीं मिला। हां टीटीई का ऑफिस खुला जरूर था। रही बात बल्लभगढ़ की तो यहां भी वैसी ही स्थिति बनी रहती है। पलवल स्टेशन पर तो दिन में भी टीटीई कम ही दिखाई देते हैं। रात की बात तो दूर है।

कोई नहीं पूछता प्लेटफॉर्म टिकट
जब रात में स्टेशन पर टीटीई ही नहीं होता तो प्लेटफॉर्म टिकट को कौन पूछने वाला है। रात में सैकड़ाें की संख्या में स्थानीय लोग ओल्ड एवं बल्लभगढ़ स्टेशन पर तफरी लेते रहते हैं। लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं।

इस दौरान यदि कहीं आरपीएफ या जीआरपी का जवान दिख भी गया तो वह भी उसे देखकर अनदेखा कर देते हैं। नियमानुसार बगैर प्लेटफॉर्म टिकट के प्लेटफॉर्म पर आना गैरकानूनी है।

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उत्तर रेलवे के एडीआरएम (ऑपरेशन) विवेक श्रीवास्तव का कहना है, हमारे डिवीजन में सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत नहीं है और न ही किसी एक्सप्रेस या मेल गाड़ी में गलत यात्रियों के सफर करने की शिकायत सामने आई है। फरीदाबाद सेक्शन की सभी महत्वपूर्ण गाड़ियों में पुलिस सुरक्षा रहती है। फिर भी यदि ऐसी कोई कमी है तो उसकी जांच कराएंगे।
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