नई दिल्ली। कमानी ऑडिटोरियम में बीती शाम तबले की थाप, वीणा के तार और शास्त्रीय गायकी के सुरों ने अमर शहीदों के बलिदान को याद किया। पंडित चतुर लाल की जन्मशती को समर्पित अमर ज्योति, ए म्यूजिकल ट्रिब्यूट टू द अननोन सोल्जर्स का 29वां संस्करण देश के अनाम सैनिकों को सुरों से नमन करने का मंच बना।
शाम की शुरुआत पद्म भूषण व ग्रैमी अवॉर्डी पंडित विश्व मोहन भट्ट की मोहान वीणा से हुई। उनके साथ तंत्री सम्राट पंडित सलिल भट्ट ने सात्विक वीणा पर संगत की, जबकि तबले पर प्रांशु चतुर लाल ने प्रस्तुति दी। इसके बाद पंडित रितेश मिश्रा और पंडित रजनीश मिश्रा ने बनारस घराने की गायकी पेश की, जिसमें तबले पर फिर प्रांशु चतुर लाल ने संगत की।
कार्यक्रम में स्वीडन, जापान, नीदरलैंड्स, ब्रिटिश काउंसिल की प्रमुख हस्तियों व गोएथे-इंस्टीट्यूट की निदेशक ने शिरकत की। पंडित चतुर लाल की स्मृति में भारत सरकार ने 16 अप्रैल को स्मारक डाक टिकट जारी किया था। प्रांशु चतुर लाल ने कहा, हर ताल मेरे दादा की विरासत और भारत के अज्ञात सैनिकों के साहस को समर्पित है। संवाद