यूनिट एरिया प्रणाली से इंस्पेक्टर राज पर लगेगी लगाम
मकान की उम्र, आकार और इस्तेमाल के आधार पर तय होगा कर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में संपत्ति कर जमा करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की तैयारी है। इसके लिए परिषद संपत्ति कर उपनियम-2026 के मसौदे पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांग रही है। प्रस्तावित यूनिट एरिया प्रणाली लागू होने के बाद करदाता स्वयं अपनी संपत्ति का आकलन कर ऑनलाइन कर जमा कर सकेंगे। इससे संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ने और इंस्पेक्टर राज पर लगाम लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मसौदे पर सुझाव और आपत्तियां देने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर है।
एनडीएमसी के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में संपत्ति के मूल्यांकन के लिए कई कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। इनमें भवन की उम्र, आकार, इस्तेमाल, उसके खाली या उपयोग में होने की स्थिति, आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी शामिल हैं। इन आधारों पर संपत्ति कर की गणना का ढांचा तैयार किया जा रहा है। पुराने भवनों के लिए मूल्यह्रास और पात्र श्रेणियों को छूट देने के प्रस्तावों पर भी लोगों से सुझाव मांगे गए हैं।
परिषद के संपत्ति कर विभाग ने गोल्फ लिंक्स, हनुमान रोड और बाबर रोड कॉलोनी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के साथ खान मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन से चर्चा की है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन और बंगाली मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन से भी प्रस्तावित व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। एनडीएमसी का उद्देश्य समान विशेषताओं वाली संपत्तियों पर निष्पक्ष तरीके से कर निर्धारित करना और नागरिक सुविधाओं के लिए जरूरी राजस्व बनाए रखना है। प्रस्तावित उपनियमों में ऑनलाइन स्व-आकलन और डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इससे करदाताओं को गणना समझने में आसानी होगी और कर निर्धारण को लेकर विवादों की गुंजाइश कम हो सकती है।