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निर्भया मामला : दोषी पवन के पिता ने याचिका में लगाया है पैसे लेकर चैनल को साक्षात्कार देने का आरोप 

Sat, 14 Dec 2019 09:01 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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निर्भया कांड के दोषी - फोटो : अमअम
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पटियाला हाउस कोर्ट में शनिवार को निर्भया गैंगरेप मामले के दोषी पवन के पिता की ओर से निर्भया के दोस्त पर पैसे लेकर मीडिया को साक्षत्कार देने के आरोप वाली याचिका सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि गवाह की विश्वसनीयता कोर्ट के बाहर उसके बयानों के आधार पर तय नहीं की जा सकती है।
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महानगर दंडाधिकारी सुधीर कुमार सिरोही ने कहा कि गवाह कोर्ट में शपथ लेकर अपना बयान दर्ज कराते हैं, वे कोर्टरूम से बाहर क्या कहते हैं, इससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल नहीं किए जा सकता। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आपकी शिकायत में किस संज्ञेय अपराध का उल्लेख है? इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि 20 दिसंबर को मामले की अगली सुनवाई में याचिका स्वीकार करने पर विचार किया जाएगा।

nirbhयह याचिका हाल ही में निर्भया के चार दोषियों में से एक पवन के पिता हीरालाल गुप्ता ने दायर की थी। उन्होंने इस वारदात के समय निर्भया के साथ मौजूद उसके दोस्त एवं इस मामले की एकमात्र गवाह पर आरोप लगाया है कि उसने मीडिया से पैसे लेकर साक्षात्कार दिए हैं, जिससे मामले की सुनवाई प्रभावित हुई है।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने इस मामले के चारों दोषियों की दया याचिका 4 दिसंबर को खारिज कर दी थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने दया याचिका राष्ट्रपति को भेज दी। अब राष्ट्रपति के फैसले पर सब-कुछ निर्भर है। अगर वे दया याचिका खारिज कर देंगे तो सभी दोषियों को फांसी दे दी जाएगी। 

दोषियों में से एक अक्षय ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। एक अन्य दोषी विनय शर्मा ने अपनी दया याचिका वापस लेने की मांग की। उसने दावा किया था कि याचिका पर उसके हस्ताक्षर नहीं है।

इन चारों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय दोषियों पर 16 दिसंबर 2012 की रात 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म करने और हत्या करने के आरोपी तय हो चुके हैं। इन चारों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इस मामले के एक अन्य दोषी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी, जबकि एक आरोपी नाबालिग था, जिसे बालगृह में सजा काटने के बाद छोड़ दिया गया था।
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