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पूर्व सैनिक खुदकुशी व नेताओं के प्रदर्शन के बीच परेशान रहे आरएमएल अस्पताल के मरीज

Thu, 03 Nov 2016 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आरएमएल अस्पताल में परेशान हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
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आरएमएल अस्पताल में मेडिकल सेवाएं बाधित होने पर दिल्ली पुलिस ने नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। आरएमएल अस्पताल की तरफ से मेडिकल सेवाएं बाधित होने की पुलिस को शिकायत दी गई थी।
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दिल्ली पुलिस ने पूर्व सैनिक सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल की खुदकुशी व दिनभर चले हाईवोल्टेज ड्रामे पर बुधवार देर रात प्रेसवार्ता बुलाकर यह सफाई दी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जितने भी नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था सभी को रिहा कर दिया गया है।

नई दिल्ली जिला डीसीपी जतिन नरवाल व दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर सफाई दी। डीसीपी नरवाल ने कहा कि सेना के पूर्व सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल, जगदीश व राजकुमार समेत तीन साथियों के साथ एक नवंबर को दिल्ली आए थे।
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सूबेदार ग्रेवाल ने जवाहर भवन के पास जहरीली गोलियां खा ली थीं। राजकुमार ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी और ग्रेवाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस बुधवार सुबह 174 के तहत कार्रवाई कर रही थी।
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आरएमएल अस्पताल के बाहर तैनात स‌िक्योर‌िटी - फोटो : अमर उजाला
प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के लिए लेडी हार्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया था। पुलिस परिवार का इंतजार कर रही थी और जांच कर रही थी। पुलिस को परिवार की चिंता थी। उसी समय कुछ नेता व कार्यकर्ता आरएमएल अस्पताल के बाहर जमा होना शुरू हो गए थे।

इससे आरएमएल अस्पताल व ट्रामा सेंटर की सेवाएं बाधित होनी शुरू हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने मेडिकल सेवाओं को बाधित करने पर नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। प्रवक्ता भगत का कहना था कि जितने भी नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था सभी को छोड़ दिया गया। सभी पर 65 डीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

बेटे के साथ मारपीट की जांच कराएंगे
प्रवक्त राजन भगत ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि दिल्ली पुलिस ने किसी को भी सूबेदार रामकिशन के परिजनों से मिलने के लिए नहीं रोका। जो मिल सकते हैं व मिलते रहेंगे। उनसे जब सूबेदार रामकिशन के बेटे जसवंत व अन्य परिजनों के साथ मारपीट करने के आरोपों के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की बात सही नहीं है। अगर इस तरह की बात सामने आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। डीसीपी जतिन नरवाल ने कहा कि ज्ञापन पत्र में ही खुदकुशी करने की बात लिखी गई है।

अब केजरीवाल आरके पुरम थाने के बाहर बैठे
नई दिल्ली जिले में आप कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरकेपुरम थाने ले जाया गया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत का कहना था कि उन्हें देर रात हिरासत से छोड़ दिया गया। आप नेता अपनी मर्जी से खुद ही देर रात तक आरके पुरम थाने के बाहर बैठे हुए थे।
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