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एम्स विश्राम सदन में ठहर सकेंगे मरीज-तीमारदार: ठंड से बचने के लिए व्यवस्था, सभी सदनों में 1500 बेड की उपलब्धता

Thu, 01 Jan 2026 07:03 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एम्स दिल्ली में उपचार के लिए दूरदराज से आने वाले मरीज और उनके तीमारदार कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए एम्स के विश्राम सदन में ठहर सकते है। एम्स के अलग-अलग विश्राम सदन में 1500 बेड ठहरने के लिए उपलब्ध है।
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Delhi AIIMS - फोटो : ANI
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विस्तार
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एम्स दिल्ली में उपचार के लिए दूरदराज से आने वाले मरीज और उनके तीमारदार कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए एम्स के विश्राम सदन में ठहर सकते है। एम्स के अलग-अलग विश्राम सदन में 1500 बेड ठहरने के लिए उपलब्ध है। एम्स मुख्य और झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में स्थित विश्राम सदन में रहने की सुविधा उपलब्ध है। 

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एम्स मीडिया सेल की प्रमुख डॉ. रीमा दादा ने बताया कि एम्स में रोजाना दूरदराज से 18-20 हजार मरीज आते है। एम्स के विश्राम सदनों में मरीज और उनके तीमारदारों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री रूम और एक से लेकर चार बेड वाले रूम की व्यवस्था है। सभी सदनों में कुल 1500 बेड उपलब्ध है जो एकदम साफ-सुथरे और रहने के लिए आरामदायक है। मरीजों को बताना चाहते है कि अगर उनके पास रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है तो वह डॉक्टर से लिखवाकर विश्राम सदन में रहने की सुविधा का लाभ ले सकते है। 

एम्स के श्री साईं विश्राम सदन में 100 बेड और राजगढ़िया विश्राम सदन में 149 बेड, ट्रामा सेंटर के पीछे वाले पावरग्रिड विश्राम सदन में 281 बेड, सीआरपीएफ द्वारा तैयार आश्रय शेल्टर में 180 के करीब बेड उपलब्ध है। झज्जर वाले इंफोसिस विश्राम सदन में 806 बेड उपलब्ध है। एम्स निदेशक प्रोफेसर एम. श्रीनिवास ने पूरी व्यवस्था को पारदर्शी कर दिया है। विश्राम सदनों में बेड की उपलब्धता को लेकर डैशबोर्ड लगे हैं। इस पर बेड आवंटन से लेकर खाली को लेकर जानकारी उपलब्ध रहती है। विश्राम सदन में प्रवेश आधार कार्ड, आभा कार्ड और यूएचआईडी कार्ड के जरिए मिलता है। 
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एम्स में स्वदेशी एमआरआई के लिए टास्क फोर्स गठित
नई दिल्ली। एम्स ने स्वदेशी एमआरआई के संबंध में टास्क फोर्स का गठन किया है। इसके लिए 14 सदस्यों वाली समिति एम्स-समीर के सहयोग संबंधी कार्य की देखरेख करेगी। साथ ही समिति सीधे रिपोर्ट एम्स निदेशक प्रोफेसर एम. श्रीनिवास को प्रस्तुत करेंगी। इस संबंध में एम्स ने निर्देश जारी किए हैं। यह समिति समझौता ज्ञापन में मौजूद सभी गतिविधियों का समन्वय करने और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समय-समय पर बैठक करेगी। दरअसल, एम्स की बल्लभगढ़ यूनिट में स्वदेशी एमआरआई मशीन को लेकर ट्रायल चल रहा है। देश में विकसित पहली स्वदेशी एमआरआई मशीन है।

एम्स ड्यूटी रोस्टर के लिए तैयार करेगा ऑनलाइन डैशबोर्ड
नई दिल्ली। ड्यूटी रोस्टर के लिए एम्स ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करेगा। ऑनकॉल ड्यूटी रोस्टर को साझा करने में देरी को दूर करने, विभागों, प्रशासनिक इकाइयों और सहायक सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए यह कदम उठाया है। इससे मरीजों की देखभाल सेवा सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में एम्स निदेशक प्रोफेसर एम. श्रीनिवास ने निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी विभाग अपने ऑनकॉल ड्यूटी रोस्टर समय पर और पारदर्शी तरीके से तैयार और साझा करेंगे। 

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