एम्स अस्पताल के अन्य वार्डों में भर्ती मरीज भी अब कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डी-2 वार्ड में भर्ती 11 मरीजों की रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आई है। ये सभी मरीज दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन मरीजों में से एक में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद वार्ड में भर्ती सभी मरीजों की जांच कराई गई,जिसमें 11 संक्रमित निकले। इन मरीजों को मेडिसिन विभाग के डी-2 वार्ड से एम्स ट्रामा में बने कोरोना वार्ड में भेज दिया गया है। बड़ी संख्या में संक्रमितों के मिलने के बाद वार्ड को पूरी तरह से सेनेटाइज किया जा है। वहां भर्ती अन्य 40 मरीजों और उनके तीमारदारों की भी जांच कराई जा रही है।
विभाग के एक डॉक्टर के मुताबिक, जिस वार्ड में संक्रमित मिले हैं, फिलहाल तीन दिन तक वहां नए मरीज भर्ती नहीं कराए जाएंगे। डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी रहते हैं। जो कभी-कभी बाहर आना -जाना करते हैं। तीमारदारों से ही मरीजों में संक्रमण फैलने की आशंका है।
पहले जांच आई थी निगेटिव
एम्स के एक डॉक्टर ने बताया कि, वार्ड में मरीज भर्ती होने से पहले मरीजों की कोरोना की जांच होती है। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें संबंधित वार्ड में भर्ती कराया जाता है। संक्रमित मिलने वाले मरीजों को एम्स ट्रामा सेंटर के कोरोना वार्ड में भेज दिया जाता है। मेडिसिन विभाग में जो मरीज भर्ती थे। उनकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आयी थी, इसलिए उन्हें नॉन कोविड मरीज मानकर मेडिसन वार्ड में भर्ती किया गया था। हालांकि, रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कुछ मरीजों में कोरोना के लक्षण दिख रहे थे। उनके दोबारा टेस्ट कराए गए तो 11 मरीज कोरोना संक्रमित निकले।
एम्स में 1500 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी और उनके परिजन हो चुके हैं संक्रमित
एम्स के कर्मचारियों और उनके परिजनों को मिलाकर अभी तक 1500 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। पांच स्वास्थ्य कर्मियों की अब तक मौत हो चुकी है।