सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की कूल्हे के ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। इसके चलते गुस्साए परिजनों ने बवाना क्षेत्र में जाम लगा दिया और काफी देर यातायात बाधित रखा। पुलिस ने परिजनों से बातचीत के बाद यातायात खुलवाया। वहीं देर शाम परिजनों से लिखित शिकायत भी ली।
शिकायत में दीपक वर्मा ने बताया कि 23 जून की रात हरियाणा के भिवानी से दिल्ली आते वक्त उनके भाई मोहित सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उनके साथ कार में मौजूद दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। भिवानी सिविल अस्पताल में भर्ती मोहित को परिजन दिल्ली ले आए। यहां बवाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को आधी रात में डॉक्टरों ने मरीज की हालत बिगड़ने और तत्काल दूसरे प्राइवेट अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने ऐतराज भी जताया।
दीपक का कहना है कि कूल्हे के ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने मोहित को वेंटिलेटर पर रख दिया। जबकि कूल्हे के ऑपरेशन में इसकी जरूरत नहीं थी, ऐसा डॉक्टरों ने ही पहले बोला था। हालत बिगड़ने पर जब मोहित को रोहिणी के जयपुर गोल्डन अस्पताल ले जाया तो वहां डॉक्टरों ने उसे ब्रॉडडेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई करने नहीं आया। इससे नाराज होकर परिजनों ने सड़क जाम कर दिया।
पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड गठित
पुलिस के अनुसार अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत परिजनों से ले ली गई है। मृतक के पोस्टमार्टम के लिए रोहिणी स्थित बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।