पानी की किल्लत से शहर के आवासीय सेक्टर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक सेक्टर भी परेशान है। पर्याप्त जलापूर्ति न होने से उद्योगों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। भूजल के लिए उद्योगाें को केंद्रीय भूजल बोर्ड की एनओसी का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
हाल ही में हुई उद्योग बंधु की बैठक में यह मुद्दा उठने के बाद जिला प्रशासन ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश दिए हैं।
उद्यमियों ने पानी के संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सबमर्सिबल लगाने के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड से मंजूरी लेने का प्रावधान है। एनओसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के कार्यकारी अधिकारी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक के दौरान समस्या उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं।
जिले में उद्योगों को बढ़ावा मिले, इसके लिए प्राधिकरण को भूजल बोर्ड से संपर्क साधकर एनओसी की प्रक्रिया में तेजी लानी होगी। इसके अलावा वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा।