कोहरा के बीच लाइट जलाकर गुजरती ट्रेन।
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कोहरे को ध्यान में रख रेलवे ने एक बार फिर कमर कसनी शुरू कर दी है। पिछले साल की तरह ही इस साल भी ट्रेनों के लेट होने पर रेलवे मोबाइल पर मैसेज भेजकर यात्रियों को देरी की सूचना देगा। कोहरे की वजह से अगर कोई ट्रेन एक घंटे भी लेट होती है तो इसकी सूचना यात्रियों को एसएमएस के माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर दी जाएगी।
रेलवे के एक्शन प्लान के तहत देर तक प्लेटफार्मों पर खान-पान स्टॉलों को खोलने की व्यवस्था के साथ भीड़-भाड़ प्रबंधन और सुरक्षा मामलों से निपटने के लिए स्टेशनों पर रेल सुरक्षा बल के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी।
रेल पथ पर गश्त लगाने वाले कर्मचारियों को जीपीएस आधारित हैंड-हेल्ड उपकरण प्रदान किए गए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना वे दोनों ओर के निकटवर्ती स्टेशनों तक तुरंत पहुंचा सकें।
सभी इंजनों में फॉग-सेफ्टी डिवाइस लगाने के साथ दृश्यता कम होने की स्थिति में ड्राइवर आने वाले सिगनल की ऑडियो-विजुअल सूचना प्राप्त कर सकता है। जीपीएस नेटवर्क से जुडी सभी मॉडिफाइड स्वचालित सिगनल इकाईयों की सिगनल प्रणाली का अपग्रेडेशन। स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति को जांचने के लिए स्टेशन मास्टरों द्वारा विजिबिलिटी टेस्ट किए जाते हैं।
कम दृश्यता संबंधी मामलों से निपटने के लिए लोको पायलटों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ताकि रेल पथों पर परिस्थिति के अनुसार रेलगाड़ी की गति सीमा को अपने विवेक और सूझ-बूझ के साथ नियंत्रित कर सके। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने रेलवे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कोहरे को लेकर शर्तक रहने का निर्देश भी दिया है।