फ्लाइओवर का हिस्सा टूटने के बाद लगा जाम
हीरो होंडा चौक पर 200 करोड़ रुपये की लागत से बने फ्लाईओवर का एक बड़ा हिस्सा बुधवार सुबह को गिर गया। फ्लाईओवर निर्माण के 21 महीने में यह तीसरी घटना है। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति अथवा वाहन को कोई क्षति नहीं हुई। घटना के कारण जयपुर से दिल्ली जाने वाली साइड को बंद कर रूट डायवर्ट कर दिया गया। इस कारण करीब 5 किमी लंबा जाम लग गया। करीब एक साल पहले भी फ्लाईओवर का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था, जिसकी मरम्मत करने के बाद इसे चालू किया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फ्लाईओवर की गुणवत्ता की जांच आईआईटी मुंबई के इंजीनियर से करवाई थी। वहीं, एनएचएआई ने बुधवार को भी मौके का मुआयना किया। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट तलब की है।
हीरो होंडा चौक पर जाम से निजात दिलाने के लिए 26 अगस्त 2014 को फ्लाईओवर निर्माण किए जाने का कार्य शुरू किया गया था। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस फ्लाईओवर को 24 जुलाई 2017 को आम जनता के लिए शुरू किया गया। फ्लाईओवर शुरू होने के कुछ दिन बाद ही इसमें गड्ढा हो गया था। इसके बाद जयपुर से दिल्ली जाने वाली साइड का का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया था। इस मामले की एनएचएआई ने जांच बैठाई थी।
निर्माण सामग्री की जांच के लिए आईआईटी मुंबई के इंजीनियर की टीम ने दौरा कर निर्माण सामग्री के सैंपल लिए थे, इस संबंध में अभी जांच चल रही है। इतना ही नहीं, टूटे हिस्से की मरम्मत कर उस पर नजर रखी जा रही थी कि एक बार फिर जयपुर से दिल्ली जाने वाली साइड पर करीब 2 फुट का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इस कारण सड़क के बीचोंबीच गड्ढा भी हो गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त फ्लाईओवर का हिस्सा टूटा उस वक्त फ्लाईओवर के नीचे व ऊपर से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने इंजीनियर की टीम को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। फिलहाल फ्लाईओवर को सुरक्षा के मद्देनजर उस पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है।
5 किमी लगा जाम
फ्लाईओवर को जयपुर से दिल्ली की तरफ बंद किए जाने से वाहनों का पहिया थम गया। बुधवार सुबह हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक करीब 5 किमी लंबा जाम लग गया। यातायात पुलिस ने वाहनों को सर्विस लेन के रास्ते फ्लाईओवर के नीचे से गुजारा। करीब दो घंटे बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो पाया।
पुलिस को दी शिकायत
फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के बाद आरटीआई कार्यकर्ता भी हरकत में आ गए हैं। अधिकार मंच (आरटीआई कार्यकर्ताओं का समूह) ने सेक्टर-37 थाना पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करने की मांग की है। मंच ने शिकायत में कहा कि ठेकेदार ने एनएचएआई के अधिकारियों से सांठगांठ कर फ्लाईओवर के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है।
फ्लाईओवर के एक हिस्से के टूटने की जानकारी मिलते ही मौके पर इंजीनियर की टीम को भेजा गया। इसकी जांच रिपोर्ट तलब की गई है। फ्लाईओवर बनाने वाली कंपनी को अब तक पूर्णतया प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में जो हिस्सा टूटा है वह पहले मरम्मत किए गए हिस्से के नजदीक है। उस हिस्से को कोई क्षति नहीं पहुंची है।
- अशोक शर्मा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई