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संसद सुरक्षा चूक: पुलिस ने कोर्ट में 1000 पेज की चार्जशीट दाखिल की, सभी छह आरोपियों पर यूएपीए के तहत चलेगा केस

Fri, 07 Jun 2024 11:56 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले साल दिसंबर में मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल धनराज शिंदे, नीलम, ललित झा और महेश कुमावत नामक लोगों ने संसद में अवैध रूप से प्रवेश किया था। इस मामले में  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जांच पूरी करने के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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Parliament Security breach case - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार को संसद की सुरक्षा में चूक मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद के खिलाफ करीब 1000 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है।

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पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. हरदीप कौर के समक्ष दिल्ली पुलिस की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि धारा 186 और यूएपीए की धारा 13 के तहत अभियोजन के लिए मंजूरी का इंतजार है। इसके लिए दो सप्ताह की अवधि के भीतर एक पूरक आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

अदालत ने आग्रह स्वीकार करते हुए पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के लिए सुनवाई 15 जुलाई तय की है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को भी अदालत के समक्ष पेश किया गया, क्योंकि उनकी न्यायिक हिरासत समाप्त हो गई थी। अदालत ने सभी छह आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 15 जुलाई तक बढ़ा दी।
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आरोपियों पर यूएपीए के तहत चलेगा केस
वहीं, इस मामले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने छह आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। इन लोगों पर 13 दिसंबर 2023 को सदन की कार्यवाही के दौरान संसद पर कथित रूप से हमला करने का आरोप है।

आरोप है कि मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल धनराज शिंदे, नीलम, ललित झा और महेश कुमावत नामक लोगों ने संसद में अवैध रूप से प्रवेश किया। साथ ही चालू सत्र के दौरान लोकसभा में धुएं के कैन फेंके। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उपराज्यपाल से यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत उनके अभियोजन का अनुरोध किया था। एलजी ने रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की।

इस मंजूरी से पहले समीक्षा समिति (डीओपी, तीस हजारी, दिल्ली) ने भी 30 मई को जांच एजेंसी द्वारा एकत्र किए गए संपूर्ण साक्ष्यों की जांच की। जांच में संसद हमले के मामले में आरोपियों की संलिप्तता पाई गई थी। इसे देखते हुए समीक्षा समिति ने पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला बनता है। दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में सुरक्षा अधिकारी द्वारा की गई शिकायत पर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम की तहत एफआईआर दर्ज की। बाद में मामले की जांच संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से पीएस स्पेशल सेल, नई दिल्ली की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को स्थानांतरित कर दी गई थी। जांच के दौरान उपरोक्त छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में वे सभी न्यायिक हिरासत में हैं।

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