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Parliament Security Breach: दिल्ली हाईकोर्ट से आरोपी नीलम को झटका, पुलिस रिमांड पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

Thu, 28 Dec 2023 12:02 PM IST
विजय पुंडीर पीटीआई, नई दिल्ली

सार

नीलम ने अपनी याचिका में पुलिस रिमांड को गैर कानूनी बताया था। नीलम ने आरोप लगाया कि मुझे मेरा वकील चुनने की इजाज्त तक नहीं दी, जो ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई में मेरा पक्ष रख सके।
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आरोपी नीलम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने गुरुवार को संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले की आरोपी नीलम आज़ाद द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा व न्यायमूर्ति शलिंदर कौर की अवकाश पीठ के समक्ष नीलम की और से अधिवक्ता सुरेश कुमार पेश हुए। उन्होंने पुलिस हिरासत से तत्काल रिहाई की मांग करते हुए नीलम को पुलिस हिरासत में भेजने के निचली अदालत के 21 दिसंबर के आदेश की वैधता को चुनौती दी है।

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आजाद ने दलील दी कि रिमांड कार्यवाही के दौरान उन्हें अपना बचाव करने के लिए अपनी पसंद के कानूनी चिकित्सकों से परामर्श करने की अनुमति नहीं दी गई। वास्तव में रिमांड आवेदन के निपटारे के बाद ही उनसे पूछा गया था। अदालत ने कहा कि अगर वह अपनी पसंद के वकील द्वारा प्रतिनिधित्व करना चाहती थी जिसका उसने सकारात्मक जवाब दिया और याचिकाकर्ता को अपने वकील से परामर्श करने की अनुमति देने का आदेश पारित किया गया।

उन्होंने कहा कि 29 घंटे पुलिस हिरासत में बिताने के बाद 14 दिसंबर को उन्हें पहली बार अदालत में पेश किया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि उनकी मुवक्किला की हिरासत गैरकानूनी है ऐसे में याचिका पर तुंरत सुनवाई की जाए।

हालांकि अदालत ने कहा कि इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं है। अदालत ने अवकाश के बाद यानि 3 जनवरी को सुनवाई तय कर दी। आज़ाद को दिल्ली पुलिस ने 13 दिसंबर को तीन अन्य आरोपियों - सागर शर्मा, मनोरंजन डी और अमोल शिंदे के साथ गिरफ्तार किया था।

जब आज़ाद और शिंदे संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, शर्मा और मनोरंजन डी धुआं छोड़ते कनस्तरों के साथ दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में दाखिल हुए। इसके बाद मामले में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

21 दिसंबर को ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आजाद के वकील के साथ एफआईआर की कॉपी साझा करने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर को हाई कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी।

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पांच जनवरी तक पुलिस रिमांड
जानकारी के लिए बता दें कि 21 दिसंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संसद में हालिया सुरक्षा उल्लंघन को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज यूएपीए मामले में चार आरोपियों को 15 दिनों की अतिरिक्त पुलिस हिरासत में भेज दिया था। सात दिनों की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि सात दिन में कई अहम सबूत मिले हैं।
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