वाहनों की बेतरतीब पार्किंग पर जल्द ही रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) के जरिये शिकंजा कसेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दक्षिण दिल्ली नगर निगम के सहयोग से ईपीसीए की तरफ से राजधानी के लाजपत नगर, कृष्णा नगर और कमला नगर में पायलट आधार पर शुरुआत की दिशा में पहल की जा रही है।
आम लोगों की सहूलियतों को ध्यान में रखकर इस वजह से होने वाली समस्या को दूर करने के लिए ईपीसीए सहित अन्य संबंधित एजेंसियां भी बेहतर संभावनाएं तलाशने में जुटी हुई हैं। पायलट परियोजना की सफलता के बाद राजधानी के सभी इलाकों में इस तरह की पहल की जा सकती है।
हाल ही में ईपीसीए और दक्षिणी निगम के सहयोग से वाणिज्यिक वाहनों के लिए टोल प्वाइंट्स पर आरएफआईडी टैग की सुविधा मुहैया करवाई गई है। इसके लागू होने से राजधानी में एक तरफ जहां प्रदूषण में कमी आई है तो दूसरी तरफ कई समस्याएं भी दूर हुई हैं।
ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल और सचिव सुनीता नारायण ने बताया कि दिल्ली में पार्किंग के लिए पहली बार ऐसी कोई पहल की जा रही है।
इससे वाहनों की सड़कों और इर्दगिर्द बेतरतीबी से होने वाली पार्किंग पर रोक लगेगी, ताकि समस्याओं को दूर किया जा सके। हालांकि सभी संबंधित एजेंसियों के विशेषज्ञों की टीम फिलहाल सर्वश्रेष्ठ मानकों और सर्वाधिक सुलभ व्यवस्था लागू करने के लिए आरएफआईडी पार्किंग की शुरुआत करने में जुटी हैं।
कई मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा
सचिव सुनीता नारायण ने बताया कि राइट टू वॉक यानी सड़क पर चलने का सभी को अधिकार है, लेकिन अतिक्रमण या वाहनों की इधर उधर बेतरतीबी से होने वाली पार्किंग के कारण आम लोगों को उनका हक मिलने की बजाय इसकी अनदेखी हो रही है। इससे अवैध तौर पर की जाने वाली पार्किंग पर रोक लगेगी तो दूसरी तरफ तकनीक के जरिये पार्किंग के इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि औसतन मौजूदा से दोगुना क्षमता की पार्किंग में आरएफआईडी टैग के जरिये वाहनों का प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा है, जिसे दिसंबर तक लागू किया जाएगा।