इंदिरापुरम स्थित प्रीसिडियम स्कूल के बाहर मंगलवार को छात्रों की टीसी काटने के विरोध में अभिभावक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस धरने में बच्चों ने भी हिस्सा लिया। छात्रों ने हैप्पी टीचर डे के पोस्टर लेकर अपना विरोध जाहिर किया। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल प्रबंधन टीसी वापस नहीं लेता है तब तक रोजाना अभिभावक स्कूल के समय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
सुबह सात बजे अभिभावक काफी संख्या में इकठ्ठा होकर प्रीसिडियम स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के टीसी काटने के मामले में स्कूल प्रबंधन से मुलाकात की मांग की। जिसपर स्कूल के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया। जिसके बाद अभिभावक बच्चों के साथ स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने हाथों में बैनर-पोस्टर भी ले रखे थे। इस दौरान ऑल इंडिया अभिभावक एसोसिएशन ने अपना समर्थन अभिभावकों को दिया।
एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रियंका राणा और नीरज भटनागर ने ऐलान किया है जब तक टीसी वापस नहीं होगी तब तक अभिभावकों के साथ मिलकर रोजाना स्कूल के समय धरना देंगे। उनका आरोप है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम था तो स्कूल प्रबंधन ने तीस अगस्त से एक सितंबर तक जिन बच्चों के टीसी काटे गए थे उन्हें बुलाकर स्कूल में एंट्री दी थी। कार्यक्रम के खत्म होने के बाद सोमवार से फिर से बच्चों की एंट्री बंद कर दी। उन्होंने बताया कि यह इसलिए किया गया ताकि अभिभावक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचकर स्कूल प्रबंधन की शिकायत नहीं करें। इस दौरान कुनाल चढ्ढा, रोहित, मीनाक्षी सिंह, गरिमा सेठ, मेद्या, शिवम, रितेश आदि मौजूद रहे।
स्कूल के बाहर टेंट लगाने को लेकर पुलिस और अभिभावकों में हुई नोकझोंक
इस दौरान टेंट लगाने को लेकर अभिभावकों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। तेज धूप को देखते हुए अभिभावक और एसोसिएशन के लोग धरना स्थल पर टेंट लगावाने लगे तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें टेंट लगाने से मना किया। जिसपर पुलिस से अभिभावकों की नोकझोंक हो गई। अभिभावकों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज और उनके साथ आए अन्य कर्मचारियों ने अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार किया है। पुलिस वाले स्कूल प्रबंधन से मिले हुए हैं।
क्या है मामला
वार्षिक एवं विकास शुल्क को लेकर करीब तीन वर्ष से अभिभावक और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद चल रहा है। २४ जुलाई २०१७ को स्कूल प्रबंधन ने वार्षिक एवं विकास शुल्क जमा नहीं करने वाले ३४ बच्चों की टीसी काट दी थी। अभिभावकों ने तीन अगस्त को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की थी। अभिभावक न्यायालय के आदेश और शासन स्तर पर शुल्क को लेकर बनी समिति के निर्णय के अनुसार शुल्क देने की बात कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं है।