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पैरेंट्स संसद तक ले जाएंगे फीस की लड़ाई

Mon, 07 Jul 2014 12:34 AM IST
अमर उजाला, वसुंधरा
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प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि के खिलाफ लड़ाई को संसद भवन तक पहुंचाने के लिए अभिभावकों ने हुंकार भरी है। रविवार को अभिभावकों ने कैंडल मार्च निकालकर लड़ाई को देशभर में लड़ने का बिगुल फूंक दिया।
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सोमवार को वसुंधरा आ रहे सांसद वीके सिंह को अपनी लड़ाई संसद तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन देंगे। अभिभावकों का कहना है कि देशभर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही लूट पर लगाम कसने की मांग करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश करेंगे।

वसुंधरा सेक्टर 13 के अटल चौक पर जमा हुए अभिभावकों ने काली पट्टी बांधकर मार्च निकाला। अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ यह लड़ाई अकेले गाजियाबाद की नहीं है, बल्कि यह देशभर की समस्या है।
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अभिभावक संघ ट्रांस-हिंडन गाजियाबाद के बैनर तले जुटे लोगों ने कहा कि वे अभी सात जुलाई को आने वाले हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस मसले पर अपने कदम वापस नहीं लेंगे। सोमवार को वे इस मामले को संसद भवन में उठाए जाने की मांग को लेकर सांसद वीके सिंह से मिलेंगे।

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने स्कूलों द्वारा बेची जाने वाली किताब-कॉपी और यूनिफॉर्म पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस संबंध में अभिभावक संघ के वीएस तिवारी ने कहा कि बेतरतीब फीसवृद्धि के साथ-साथ निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर स्कूलों में किताब-कॉपियों का व्यापार करने में लगे हैं।

देशभर में निजी स्कूलों के लिए एक फीस का नियम होना चाहिए। कोई भी स्कूल जब चाहे तब फीस में वृद्धि कर देता है। इसके अलावा मानकों का भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता है। इस दौरान चंदर, दीपक गुप्ता, कपिल कौशिक, मुकेश, कुमार आदि रहे।

प्रमुख सचिव के आदेश पर अभिभावकों ने उठाए सवाल
फीस वृद्धि मामले की सोमवार को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर अभिभावकों की निगाहें टिकी हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले डीपीएसजी पैरेंट्स एसोसिएशन और ट्रांस हिंडन पैरेंट्स एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव के आदेश पर कई सवाल उठाए।

अभिभावकों ने इसे एकतरफा करार दिया। प्रमुख सचिव ने अभिभावकों की बात सुने बिना केवल स्कूल संचालकों का पक्ष सुनकर आदेश जारी कर दिया। अभिभावकों ने प्रमुख सचिव के आदेश में धारा 144 के तहत की गई कार्रवाई को गलत जरूर ठहराया है, लेकिन आदेश में कार्रवाई वापस लेने का कोई जिक्र नहीं है।

शनिवार रात को डीपीएसजी पैरेंट्स एसोसिएशन की एक बैठक में सौरभ सिंघल ने बताया कि प्रमुख सचिव की ओर से आदेश जारी करने से पहले अभिभावकों की परेशानी को नजरअंदाज किया गया। आदेश में धारा-144 की कार्रवाई को गलत ठहराया गया है, लेकिन अब कार्रवाई को वापस लेने का अधिकार केवल कोर्ट को है।

उन्होंने कहा कि स्कूल प्रमुख सचिव के लेटर को लेकर जिला प्रशासन और कोर्ट में डीएम का आदेश रद्द करने की गुहार लगा रहा है, जबकि डीएम की कार्रवाई स्कूलों की ओर से एनओसी की शर्तों का उल्लंघन करने पर थी।

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को होने वाली सुनवाई में पुरजोर तरीके से पक्ष रखा जाएगा। डीएम विमल कुमार शर्मा ने भी इसका आश्वासन दिया है।
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