पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने के बाद गायब हुई छात्रा पुलिस द्वारा बरामद किए जाने पर उसे उसकी इच्छा के अनुसार उसके माता पिता से मिलवाया गया।
गंभीर आरोपों से घिरे पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सोमवार को अपना मौनव्रत तोड़ेंगे। माना जा रहा है कि उनसे पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर घटना से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा।
हालांकि भाजपा खेमे में स्वामी समर्थक और उनके विरोधी खेमे में आज भी चुप्पी बनी हुई है। वहीं, छात्रा से मुलाकात के बाद मां ने कहा कि जो बेटी ने आरोप लगाए हैं, वह सही हैं। कोर्ट में वह बयान देगी।
इससे पहले शनिवार को स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली छात्रा के पिता ने दिल्ली जाने से पहले कहा कि बेटी के मिल जाने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामला संज्ञान में लेने की वजह से उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी बेटी के साथ न्याय होगा।
शुक्रवार की रात इसी इंतजार में कटी कि कब दिल्ली पुलिस यहां पहुंचे और उनकी बेटी से मिलने की छटपटाहट दूर हो। हालांकि पिता को अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा अब भी महसूस हो रहा है।
शनिवार दोपहर करीब 12:15 बजे जब स्थानीय पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस छात्रा के घर के दरवाजे पर रुकी तो माता-माता की जान में जान आई। कोर्ट का आदेश देखने के बाद ही पिता ने साथ जाने की हामी भरी क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनके साथ कुछ गड़बड़ न हो जाए।
पिता से जब यह पूछा गया कि दिल्ली पुलिस के आने के बाद अब वह कैसा महसूस कर रहे हैं तो उन्होंने बताया कि पूरी रात तो इसी इंतजार में गुजर गई कि पुलिस की गाड़ी कब आएगी और अब जान-जान में आई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में वह पहले बेटी से मिलेंगे। उसका हाल जानने के बाद उससे स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सबूतों के बारे में पूछेंगे और उन साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखने को कहेंगे।
बेटी जो भी साक्ष्य और बयान देगी और कोर्ट जो फैसला सुनाएगा, उसी आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट उनकी बेटी के साथ न्याय करेगा। इसके बाद उनका प्रयास होगा कि बेटी साथ में शाहजहांपुर आए। लेकिन उनके परिवार के लिए खतरा तो बढ़ ही गया है। वह चाहेंगे कि पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी जाए।