कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली में मार्च से स्कूल बंद हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए अब भी दिल्ली के अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते। इस संबंध में दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अभिभावकों व बाल विशेषज्ञों की राय भेजी है। उधर दिल्ली के बजट स्कूलों की संस्था एप्सा ने स्कूल खोलने की अनुमति के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा है।
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा कि लंग केयर फाउंडेशन ने दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर में कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने अनलॉक-5 की घोषणा के बाद स्कूलों को खोलने के संबंध में एक बार फिर से अभिभावकों का पक्ष जानने के लिए उनकी राय मांगी थी। इनमें 2498 अभिभावकों का कहना है कि अभी स्कूलों को खोलना ख़तरनाक होगा। एसोसिएशन ने तथ्यों के साथ सरकार को ये अनुरोध पत्र इसलिए भी भेजा क्योंकि दिल्ली में अभी स्कूलों को न खोलने का निर्णय 31 अक्तूबर तक लागू है।
एर्फोडेबल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (एप्सा) का कहना है कि यूपी, पंजाब में कई स्कूल खुल चुके हैं। ऐसे में अब दिल्ली के स्कूलों को भी खोलने की अनुमति दी जाए। इस संबंध में एप्सा के अध्यक्ष लक्ष्य छाबड़िया ने मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने एक नवंबर से स्कूल खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत विभिन्न राज्यों ने स्कूल खोलने प्रारंभ कर दिए हैं। ऐसे में दिल्ली में छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोलने जरूरी हैं।