फरीदाबाद में निजी स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और अभिभावकों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय पर पहुंच कर जबरदस्त आक्रोश प्रदर्शन किया।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच की जिला कमेटी के अध्यक्ष शिव कुमार जोशी के नेतृत्व में शुक्रवार को राजस्थान भवन के पास एमवीएन, एपीजे, विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल, रावल, रेयान, सेंट जोंस, टैगोर अकादमी, डीपीएस सहित अन्य स्कूलों की पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों एकत्र हुए और यहां से जलूस के रूप में सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय पहुंचे।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त विजय सिंह दहिया को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। मंच पदाधिकारियों ने उपायुक्त को बताया कि चंडीगढ़ उच्च न्यायालय में दायर की गई एक जनहित याचिका के संदर्भ में शिक्षा विभाग हरियाणा ने अपने आदेश पत्र नं. 7/75-97 पीएस (1) दिनांक 9-1-2007 के द्वारा फरीदाबाद के सभी निजी स्कूल प्रबंधकों को दाखिलों में आरक्षण, फीस संरचना, स्कूलों में दुकान न खोलने व सीबीएसई, हुडा व शिक्षा नियमावली 2003 के सभी नियम कानूनों का पालन करने के आदेश जारी किए थे।
लेकिन एक भी स्कूल ने शैक्षिक सत्र 2007-08 से लेकर 2013-14 तक किसी भी प्रकार से इन आदेशों का पालन नहीं किया, जबकि समय-समय पर मंच द्वारा फरीदाबाद के उपायुक्त व जिला शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूल की मनमानी की जानकारी प्रदान की गई है, लेकिन इन अधिकारियों ने दोषी स्कूलों के खिलाफ कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की। इसी के चलते निजी स्कूल प्रबंधकों के हौंसले बुलंद हैं। इस मौके पर कैलाश शर्मा, सुभाष लांबा, केसी शर्मा, वीरेन्द्र डंगवाल, शशि मिश्रा, आशा शर्मा, धर्मपाल चहल सहित अन्य मौजूद रहे।
सीएजी से हो जांच
अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूल व कालेजों के खातों के साथ- साथ उन्हें चलाने वाले संचालकों के बैंक बैलेंस और उनके व्यवसायों की जांच सीएजी से कराई जाए। इसको लेकर मई माह में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की जाएगी।
जांच कमेटी का गठन
ज्ञापन पर लगभग एक घंटे तक उपायुक्त व मंच के प्रतिनिधि मंडल के बीच चर्चा हुई। जिसके बाद उपायुक्त विजय सिंह दहिया ने मांगपत्र व निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन की जांच पड़ताल के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। जो एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेगी।