घरेलू नौकर हत्याकांड में आरोपी सांसद धनंजय सिंह को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि 20 मई तक बढ़ा दी है।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बीएसपी सांसद को यह राहत दी थी। कोर्ट ने धनंजय सिंह को जमानत दी क्योंकि वह उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में नामांकन दाखिल कर सके।
धनंजय सिंह की ओर से हाईकोर्ट में वकील का कहना था कि उसे सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश में जौनपुर क्षेत्र से लोकसभा चुनाव का नामांकन दायर करने के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी। धनंजय सिंह ने 22 अप्रैल को नामांकन जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन भरा।
उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश की जौनपुर क्षेत्र से बसपा सांसद धनंजय सिंह व उनकी पत्नी डॉ. जागृति सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इसमें दंपति पर हत्या, हत्या के प्रयास, बाल मजदूरी, सबूतों को मिटाने, जबरन बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ना देने का आरोपी माना है।
पुलिस ने सासद व उनकी पत्नी को पिछले साल 5 नवंबर को पकड़ा था। पुलिस ने सांसद के घर से 4 नवंबर, 2013 को घरेलू सहायिका राखी का शव बरामद किया था, जिसकी अत्यधिक पिटाई के कारण मौत हो गई थी। बहुजन समाज पार्टी ने जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है।