बढ़ी फीस जमा नहीं करने पर ट्रांसपोर्टेशन सुविधा रोकने के डीपीएसजी प्रबंधन के आदेश से अभिभावकों का पारा चढ़ गया है। स्कूल पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को डीपीएसजी प्रबंधन से मिलकर बढ़ी फीस नहीं जमा करने की दो-टूक बात कही।
अभिभावकों ने डीपीएसजी निदेशक रिटायर्ड कर्नल रतनवीर सिंह से इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय तक पुरानी फीस जमा करने को कहा। बच्चों की ट्रांसपोर्टेशन सुविधा हटाने की शिकायत अभिभावकों ने डीएम, एसएसपी, एडीएम सिटी और महापौर से कर ज्ञापन दिया।
एसोसिएशन की अध्यक्ष कनिका कपूर ने बुधवार को स्कूल निदेशक से मिलकर ट्रांसपोर्ट सुविधा हटाने के निर्णय पर विरोध जताया। उन्होंने बताया कि स्कूल में केवल 17 प्रतिशत पैरेंट्स ने ही फीस जमा की है। अगर बाकी 83 फीसदी बच्चों की बस सुविधा रोकी जाती है तो फिर एसोसिएशन कड़ा फैसला लेगी।
प्रदेश में लागू हो एजुकेशन एक्ट
अभिभावक सेवा समिति ने प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश में एजुकेशन एक्ट लागू करने की मांग की है। इस बाबत समिति ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
समिति के संरक्षक महेश आहुजा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है। इसके लिए सूबे में एजुकेशन एक्ट लागू करने के साथ हाईकोर्ट के निर्णय तक बढ़ी फीस नहीं लेने का आदेश जारी करने और प्रत्येक वर्ष स्कूलों का ऑडिट कराने की मांग की। इस मौके पर राहुल शर्मा, सुरेशचंद्र शर्मा, जयवीर सिंह, विजय शर्मा सहित तमाम लोग मौजूद थे।