पंचायत चुनाव लड़ने वालों के लिए राहतभरी खबर है। उन्हें नामांकन के लिए पुलिस वेरीफिकेशन कराने की जरूरत नहीं है।
पंच-सरपंचों को खुद इस बात को लिखकर देना होगा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला है या नहीं जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के उम्मीदवारों को शपथ पत्र देना होगा।
अतिरिक्त उपायुक्त एवं रिटर्निंग अधिकारी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि सुनने में आ रहा है कि चुनाव लड़ने वाले लोग बगैर किसी सूचना के पुलिस वेरीफिकेशन करा रहे हैं। इसके चलते उनसे पुलिस 200 रुपये फीस के तौर पर वसूल रही है।
जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को नामांकन फार्म-4 प्रशासन की ओर से नि:शुल्क दिए जा रहे हैं।
नामांकन के समय बैंकों से ऋणों की अदायगी, बिजली बिल की एनओसी देना होगा। उम्मीदवार के आपराधिक मामलों की जानकारी खुद देनी होगी।