एक तरफ दलित तो दूसरी तरफ सवर्ण जातियों की पंचायतों का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को बल्लभगढ़ स्थित विश्रामगृह में सर्वजातीय पंचायत का आयोजन किया गया।
इसमें सुनपेड़ अग्निकांड के आरोपियों को सीबीआई जांच पूरी होने तक रिहा करने की मांग उठाई गई। पिछले साल मारे गए राजपूत समाज के तीन लोगों की विधवाओं को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठी।
पंचायत में ठाकुर राजाराम ने कहा कि सुनपेड़ में पिछले वर्ष दलितों ने तीन युवकों की हत्या कर दी थी। उनके परिवार के लोगों को किसी से मदद मिलना तो दूर सांत्वना भी नहीं मिली।
तीनों की विधवाएं मजदूरी कर बच्चों का पालन कर रही हैं। इसकी पंचायत ने निंदा की। अब देश भर के राजनेता सुनपेड़ में पहुंचकर मामले को जातिगत बना रहे हैं। ऐसा करने से गांव में शांति भंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायत में सर्व जाति के 101 लोगों की कमेटी बनाई है, जो मामले को लेकर गांव-गांव जाएगी। पंचायत में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली व अन्य राज्यों से सर्वजातीय महापंचायत बुलाकर आगे की रणनीति तैयार कर आंदोलन करने का फैसला लिया जाएगा।