फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: यूईआर-2 पर टोल प्लाजा के खिलाफ पंचायत, पुलिस ने उखाड़ा टेंट

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने दी चेतावनी, एक सप्ताह में मुंडका-बक्करवाला टोल नहीं हटा तो रोड पर लगेगा टेंट
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूईआर-2 पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। टोल प्लाजा पर पालम खाप के चौधरी रामकुमार सोलंकी की अध्यक्षता में पंचायत आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने टोल हटाने की एक सूत्रीय मांग करते हुए नारे बुलंद किए।
ग्रामीणों ने पंचायत करने के लिए टेंट लगाया था जिसे पुलिस ने कुछ देर बाद उखाड़ दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में टोल नहीं हटा तो वह अगले रविवार को रोड पर टेंट लगाएंगे।
विज्ञापन

पूर्व डिप्टी मेयर मास्टर आजाद ने आरोप लगाया कि रविवार को पंचायत का टेंट पुलिस प्रशासन ने टोल कर्मचारियों की मदद से उखाड़ दिया, जो अस्वीकार्य है। वहीं राजीव यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार लूट, झूठ और फूट की सरकार है। उन्होंने किसानों के आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह 750 किसानों की शहादत के बाद तीन कृषि कानून रद्द हुए थे, उसी तरह यह तुगलकी टोल लूट भी खत्म कराई जाएगी। इसके लिए लंबा संघर्ष ही क्यों न करना पड़े। वहीं चौ. दिलबाग ने कहा कि दिल्ली के इतिहास में कभी भी चुनी हुई सरकार ने टोल टैक्स नहीं लगाया और दिल्ली देहात इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। चौ. रामकुमार सोलंकी ने कहा कि किसानों की जमीन पहले ही मात्र 53 लाख रुपये प्रति एकड़ के सर्किल रेट पर अधिग्रहित कर ली गई और अब उन्हीं किसानों से टोल वसूला जा रहा है, जो घोर अन्याय है। पंचायत में अंदीप दराल, विजय मान, शिव शौकीन और नवीन बक्करवाला जैसे युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। दिल्ली देहात मोर्चा के संस्थापक राजीव यादव, चौधरी दिलबाग सिंह, चौधरी रोहताश राणा और प्रधान शीशराम ने भी ‘टोल हटाओ संघर्ष समिति’ को समर्थन दिया।
विज्ञापन

रौनक खत्री ने टोल वसूली को अंग्रेजों और मुगलों की लूट से भी बड़ा बताते हुए कहा कि सरकार इसे खत्म करे, अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली नंबर की गाड़ियों से टोल लेना निंदनीय है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें