फरीदाबाद के पलवली गांव में पांच लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में रविवार को गांव में आयोजित सर्व समाज की पंचायत में निर्णय लिया गया कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, आरोपी पक्ष का परिवार गांव में न आए।
इस संबंध में गांव में लोग जल्द ही जिला उपायुक्त व पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौपेंगे। पंचायत की अध्यक्षता गांव घरौड़ा से बुजुर्ग मा. राममूर्ति ने की। गत 18 दिसंबर को आरोपी पक्ष की महिलाओं ने गांव में आने की कोशिश की थी।
इस पर गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिस पर गांव में भारी पुलिस तैनात किया गया था। पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे किसी भी कीमत पर आरोपी पक्ष की महिलाओं को गांव में नहीं आने देंगे।
इस दौरान पुलिस ने भी ग्रामीणों का समझाने का प्रयास किया था, मगर ग्रामीण अपनी बात पर अडिग रहे। जिस पर पुलिस को मजबूरन वापस लौटना पड़ा था। इस मुद्दे पर रविवार को गांव में सर्व समाज की पंचायत बुलाई गई, जिसमें आसपास के गांवों के अलावा पलवल, होडल, नोएडा, दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा व बुलंदशहर तक से लोग पंचायत में पहुंचे थे।
पंचायत में पलवली गांव की ओर से बिजेंद्र शर्मा व राजकुमार शर्मा ने कहा कि आरोपी पक्ष के पास दूसरे स्थानों पर भी जमीनें हैं, वे वहां जाकर रह सकते हैं। आरोपी पक्ष मूलरूप से दिल्ली के गांव बसंत का है और वहां उनकी जमीन है।
वहां जाकर खेती बाड़ी कर अपनी गुजर बसर कर सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी पक्ष गांव का माहौल खराब करने के लिए वाप स आना चाहता है। पंचायत में मौजूद पंडित सुरेंद्र शर्मा बबली ने कहा कि गांव व समाज ने आरोपी परिवार को पूरी तरह से बहिष्कार कर रखा है। ऐसे में पूरी पंचायत एकमत है कि आारेपी पक्ष का परिवार गांव में नहीं आना चाहिए।
इसको लेकर पंचायत में मौजूद सभी लोगों ने हाथ उठाकर अपनी सहमती जताई। पंचायत में मुख्य रूप से एलआर शर्मा, लज्जा राम त्यागी, रमजान सरपंच, राजेंद्र मवई, डा. बिशन दत्त, श्याम सुंदर, ललित पाराशर, ललिता शर्मा, गिरीराज शर्मा, तेजपाल शर्मा, रोहताश पहलवाल, पं. ग्यासी राम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
जमकर कोसा नेताओं को
पंचायत के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय नेताओं के दोगले व्यवहार पर उनको जमकर कोसा। वक्ताओं का कहना था कि नेता वोटों की राजनीति करना चाहते हैं। वे दोनों पक्षों से सहानुभूति जताकर दोनों को अपना बनाकर रखना चाहते हैं, मगर ये गलत है। इसलिए ही आज इस पंचायत कोई भी स्थानीय नेता नहीं पहुंचा, जबकि सभी को इस बारे में सूचित किया गया था।
अगली सुनवाई 2 जनवरी 2018 है
पलवली हत्याकांड में पुलिस सभी 28 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें अगली तारीख दो जनवरी 2018 लगी है। दो जनवरी को सभी 28 आरोपी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवानी की अदालत में पेश किए जाएंगे और उसके बाद केस सत्र न्यायालय में भेजा जाएगा।