फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक खिलाड़ियों का सफर दाऊद के चलते रुका!

विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में दाऊद की उपस्थिती और आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच वार्तालाप को लेकर जारी खटास के बीच निजी संस्थाओं की ओर से आयोजित की जाने वाली खेल प्रतियोगिता पर असर दिखा है।
विज्ञापन


हर साल बवाना में कुश्ती दंगल कराने वाली संस्था ने इस बार पाकिस्तानी पहलवानों को नहीं बुलाने का फैसला किया है। इस दंगल में पिछले 11 वर्षों से पाकिस्तानी पहलवान शिरकत कर रहे थे।

यह कुश्ती दंगल भीड़, इनाम राशि और पहलवानों के स्तर के चलते देश के बड़े दंगलों में माना जाता है।

विश्व चैंपियन और लगातार दो ओलंपिक में दो पदक जीत चुके पहलवान सुशील कुमार के गुरु महाबलि सतपाल पहलवान अपने पिता की याद में पिछले 40 वर्षों से प्रतिवर्ष सात सितंबर को कुश्ती दंगल का आयोजन करा रहे हैं।
विज्ञापन
Trending Videos

रुका 11 वर्षों के सफर पर लगी लगाम

बवाना स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में चौ. हुकम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित कराने जाने वाले दंगल में पहले तो देश के नामी पहलवान शिरकत करते थे।

मगर पिछले 11 वर्ष से इस दंगल में पाक पहलवान भी आने शुरू हो गए थे। दंगल में पहलवानों की टक्कर देखने के लिए कई राज्यों के 20-25 हजार दर्शक आते हैं।

दोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित सतपाल पहलवान ने बताया कि पाक की ओर से आए दिन सीमा पर गोलीबारी की जा रही है। इसके अलावा पाक व उसके समर्थित आतंकी जम्मू कश्मीर व अन्य राज्यों में घटनाओं को अंजाम देकर देश में असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे है।
विज्ञापन

अब नहीं आएंगे पाकिस्तान पहलवान

इन सब बातों के कारण इस वर्ष कुश्ती दंगल में पाक पहलवानों को नहीं बुलाने का फैसला किया है। वह आपसी भाईचारा बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के पहलवानों के स्तर में सुधार के लिए प्रतिवर्ष पाक पहलवानों को बुलाते थे।

दिल्ली में वर्ष 1982 में हुए एशियाड खेेलों में स्वर्ण पदक विजेता सतपाल पहलवान ने बताया कि कुश्ती दंगल का स्तर ऊंचा रखने के लिए इस वर्ष पाक पहलवानों के बजाय जॉर्जिया के पहलवानों को बुलाने का निर्णय लिया है।

जॉर्जिया के पहलवानों को वीजा भी मिल गया है। वह इस माह के अंत तक दिल्ली आ जाएंगे। दंगल से पहले वह भारतीय पहलवानों के साथ छत्रसाल स्टेडियम में अभ्यास करेंगे। दंगल में देश के चोटी के पहलवानों के साथ दो-दो हाथ करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें