कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार को जिले में मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान जिला अस्पताल में लगा एक ऑक्सीजन प्लांट खराब मिला, जबकि अन्य सभी सीएचसी में लगे प्लांट सही मिले हैं। एसीएमओ ने खराब पड़े प्लांट को जल्द चालू कराने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से निपटने के तमाम दावे किए गए। उस दौरान लाखों रुपये खर्च कर जिला अस्पताल और सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। अब फिर से देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्लांट की स्थिति देखी जा रही है। शनिवार को एसीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता ने सीएचसी धौलाना, सपनावत, सिखैड़ा, पिलखुवा और हापुड़ में लगे प्लांट की जांच की।
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इन सभी सीएचसी में लगे प्लांट चालू मिले। जिला अस्पताल में दो प्लांट लगे हुए हैं, इसमें पीएम केयर फंड से लगा प्लांट चालू मिला, जबकि, दूसरी अन्य कंपनी का लगा प्लांट बंद था। मौके पर जानकारी दी गई कि कंपनी के इंजीनियर सर्वे कर चुके हैं। प्लांट का एक पार्ट खराबहै, जिसे बदलने के लिए पत्र भेजा हुआ है। अस्पताल में 500-500 एलपीएन के यह प्लांटे लगे हैं।
मामले में सीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि लगभग हर माह ऑक्सीजन प्लांट की जांच होती है। जिला अस्पताल के खराब प्लांट के लिए विदेश से एक पार्ट आना है, जिसके लिए संबंधित कंपनी के अधिकारी को निर्देशित कर चुके हैं। जून माह में पार्ट आने की उम्मीद है। एक प्लांट चालू है। इसलिए मरीजों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।