सीबीएसई के 12वीं कक्षा में एक ओर छात्रों का पास प्रतिशत स्कोर बढ़ रहा है तो नकल के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल 56 मामले सामने आए थे, जबकि इस वर्ष 119 मामले दर्ज हुए हैं। सीबीएसई बोर्ड अब नकल के इन 119 मामलों की रिपोर्ट कमेटी के समक्ष रखेगा।
खास बात है कि पंचकूला व दिल्ली जोन में आठ, इलाहाबाद में तीन, देहरादून में नौ मामले सामने आए हैं। जबकि भुवनेश्वर, त्रिवेनंतपुरम में यह ग्राफ शून्य है। जबकि सबसे अधिक मामले अजमेर व गुवाहाटी में रिकार्ड हैं।
सीबीएसई के 12वीं कक्षा की परीक्षा में वर्ष 2016 में 56 छात्र नकल करते हुए पकड़े गए थे, जबकि इस वर्ष 119 छात्रों के खिलाफ नकल का केस बना है। पिछले वर्ष दिलली जोन में सबसे अधिक 12 मामले दर्ज थे। हालांकि इस वर्ष कमी के साथ आठ मामले दर्ज हैं।
वहीं, पंचकूला जोन में पिछले वर्ष चार तो इस बार आठ, इलाहाबाद में पिछले वर्ष सात तो इस बार तीन, देहरादून में पिछले साल चार तो इस बार नौ मामले दर्ज किए गए हैं।
सीबीएसई इन नकल के मामलों को कमेटी के समक्ष पेश करेगी, जहां सभी 119 छात्रों को अपना पत्र रखने का मौका मिलेगा। हालांकि सीबीएसई ने इन सभी छात्रों का रिजल्ट अभी रोक रखा है।