जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों द्वारा नागरिकता कानून के खिलाफ संसद मार्ग तक निकाले गए पैदल मार्च में बाहरियों के शामिल होने से सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों के प्रदर्शन में बटला हाउस, सरिता विहार और शाहीन बाग के लोग शामिल हो गए। इन बाहरियों की पुलिस से बैरिकेड पर झड़प हो गई, जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इससे भगदड़ मच गई। भगदड़ में कई छात्र गंभीर रूप से चोटिल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
जामिया के छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बेवजह शांतिपूर्ण मार्च में अराजकता का नाम लेकर लाठीचार्ज कर छात्रों को घायल किया है। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन को संसद मार्ग जाने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्रों की भीड़ में शामिल होकर पुलिस से झड़प का प्रयास किया, जिनकी पहचान की जा रही है। देर शाम तक मार्च पर अड़े छात्रों को पुलिस बसों में बिठाकर बदरपुर पुलिस थाने ले गई, जहां उन्हें रिहा कराने के लिए जामिया के अन्य छात्रों की भीड़ एकत्र हो गई।
जामिया को-ऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से सीएए-एनआरसी के खिलाफ पैदल मार्च निकालकर संसद मार्ग पहुंचने का आह्वान किया गया था, जिसके बाद सैकड़ों छात्र जामिया के गेट नंबर 7 पर सुबह से ही पहुंचने लगे थे। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए होली फैमिली अस्पताल व सुखदेव विहार मेट्रो अस्पताल पर बैरिकेड लगा रखा था। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। हंगामे की आशंका को देखते हुए केंद्रीय बल भी बैरिकेड पर तैनात थी।
छात्रों का पैदल मार्च दोपहर 1 बजे जैसे ही संसद मार्ग के लिए आग बढ़ा, तभी पुलिस ने उन्हें होली फैमिली अस्पताल पर रोक लिया। पुलिस के रोके जाने से छात्र आक्रोशित हो गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान जामिया के आसपास रहने वाले बाहरियों का वहां जमावड़ा लगने लगा। देखते ही देखते छात्र व बाहरी लोगों की पुलिस से कहासुनी हो गई।
पुलिस ने भीड़ को अराजक होता देखकर लाठियां भांजकर खदेड़ने का प्रयास किया। पुलिस के लाठियां भांजने से वहां भगदड़ मच गई। इसमें कई छात्र चोटिल हो गए, लेकिन छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने जामिया के छात्रों को चिह्ति कर उन पर ही लाठी बरसाई हैं। चोटिल छात्रों को एंबुलेंस अस्पताल ले गई। एक ही बैरिकेड पर पुलिस की घेराबंदी देखकर बटला हाउस, जामिया, सरिता विहार और शाहीन बाग के लोगों ने छात्रों के साथ सुखदेव विहार की ओर से संसद मार्ग जाने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने मेट्रो स्टेशन के नीचे लगे बैरिकेड पर ही रोक दिया। इसके बाद तो प्रदर्शन में शामिल 50 से अधिक नाबालिग पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को ही लेकर भाग गए।
पुलिस ने उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिस से ही भिड़ गए। माहौल तनावपूर्ण होता देखकर मौके पर महिला पुलिस की संख्या में इजाफा कर भीड़ से छात्र-छात्राओं को हटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद भी बाहरी लोग माहौल खराब करने का प्रयास करते रहे। हंगामा शांत न होता देखकर पुलिस ने जैसे ही छात्रों को हिरासत में लेना शुरू किया तो यह देखकर बाहरी तत्वों ने वहां से भागने में अपनी गनीमत समझी। आरोप है कि करीब 200 प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस हिरासत में लेकर बदरपुर थाने ले गई।