दादरी कोतवाली क्षेत्र के बढ़पुरा गांव में सोमवार शाम को बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जीटी रोड जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने लाठी चार्ज कर लोगों को वहां से खदेड़ दिया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। घटना के बाद दादरी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
दूसरी तरफ, बवाल के चलते गाजियाबाद के लालकुआं के पास से रूट डायवर्जन कर दिया गया। लालकुआं से दादरी की तरफ जाने वाले भारी वाहनों रोक दिया गया, उन्हें हापुड़ की तरफ भेजा गया। इस दौरान लालकुआं के पास जाम लग गया। वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने बताया कि दादरी कोतवाली क्षेत्र के तहत बढ़पुरा निवासी हनीफ कारपेंटर का काम करते थे। वह सोमवार शाम करीब चार बजे अपने घर पर बैठे थे। इसी बीच एक सेंट्रो कार उनके घर के सामने रुकी और कार से उतरकर बदमाशों ने हनीफ पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
उसके बाद तीनों बदमाश वहां से फरार हो गए। परिजनों ने हनीफ को मोहन स्वरूप अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलने पर ग्रामीण अस्पताल के पास जमा हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से शव छीनकर जीटी रोड पर रख दिया और जाम लगाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को सड़क से हटाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी डॉ. प्रितिंदर सिंह, एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
पुलिस से मांगी थी सुरक्षा
हनीफ सोमवार सवेरे बादलपुर और दादरी कोतवाल जाकर पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने उसको सुरक्षा नहीं दी। गौरतलब है कि सोमवार को ही शाम में उनकी हत्या हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस हनीफ की मांग को यदि गंभीरता से लेती तो शायद आज वह जीवित होते।
सात दिन पहले बेटे पर हुआ था हमला
मृतक हनीफ के बेटे इकरामुद्दीन पर भी 1 जुलाई को जानलेवा हमला हो चुका है। तब वह धूममानिकपुर गांव में अपने होटल पर खड़ा था। उसी समय बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर उसे घायल कर दिया था। हनीफ ने उस वक्त पुरानी रंजिश के चलते संजय और एक अज्ञात युवक के खिलाफ बादलपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हो पाई और अब इकरामुद्दीन के पिता को मौत के घाट उतार दिया गया।