- अदालत ने महिला को शर्तों का उल्लंघन करने पर दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तलाक के समय हुए समझौते का उल्लंघन करना एक महिला को भारी पड़ गया। कड़कड़डूमा स्थित फैमिली कोर्ट ने शर्तों का उल्लंघन करने पर सख्त रुख अपनाते हुए महिला को हापुड़ स्थित संपत्ति से बेदखल करने का आदेश दिया है। फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश डॉ. सावित्री ने अपने आदेश में महिला को बेईमान करार देते हुए कहा कि तलाक के समय निपटान राशि लेने के बाद उसका संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं है। यह मामला एक पति की ओर से दायर निष्पादन याचिका से जुड़ा है।
पति की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि पति और उनकी पूर्व पत्नी ने 13 दिसंबर, 2022 को आपसी सहमति से तलाक लिया था। उस समय हुए समझौते के तहत पति ने महिला को स्त्रीधन, गहनों और स्थायी गुजारा भत्ता सहित 11 लाख रुपये का भुगतान किया था। उस दौरान यह भी तय हुआ था कि महिला का हापुड़ के गांधी गंज स्थित मकान नंबर 754 पर कोई अधिकार नहीं होगा। समझौते के अनुसार, बच्चों के वयस्क होने तक महिला को केवल उनकी देखभाल के लिए संपत्ति के भूतल पर रहने की अनुमति थी। महिला ने इसका उल्लंघन करते हुए मकान की पहली मंजिल पर कब्जा जमा लिया। महिला की हरकत से तंग आकर पति ने कोर्ट की शरण ली थी।