भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी
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दिल्ली सरकार अपने विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर घेरे में है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार जनता के पैसे से भ्रामक प्रचार कर रही है। विज्ञापन पढ़कर भी लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि उसके जरिए सरकार क्या सूचना लोगों तक पहुंचाना चाह रही है। दिल्ली सरकार पर यह आरोप उसके द्वारा आज दिए गए विज्ञापनों पर लगाया गया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कोई भी सरकार विज्ञापनों के जरिए लोगों को किसी योजना के बारे में स्पष्ट जानकारी देती है। लेकिन अरविंद केजरीवाल सरकार विज्ञापनों के जरिए केवल सस्पेंस पैदा करना चाहती है, क्योंकि उसको पढ़ने के बाद किसी तरह की जानकारी नहीं मिलती।
इसके पहले दिल्ली सरकार विज्ञापनों को लेकर तब चर्चा में आई थी जब उसने वार्षिक विज्ञापन का खर्च पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक कर दिया था। कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि शीला दीक्षित सरकार के न्यूनतम विज्ञापन बजट पर सवाल खड़ा करने वाले अरविंद केजरीवाल आज स्वयं पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक के बजट से अपना प्रचार कर रहे हैं।
इसके पहले विज्ञापन में मुख्यमंत्री की छवि देने पर भी सवाल उठाया गया था। कोर्ट के एक आदेश के जरिए पहले मुख्यमंत्री के चित्र के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, हालांकि बाद में यह प्रतिबंध हटा लिया गया था।