दिल्ली उच्च न्यायालय ने श्रीनगर में हिरासत में रखे गए शाह फैसल की उस याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। इस याचिका में पूर्व नौकरशाह ने अपने खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर की प्रति खुद को दिए जाने की भी मांग की है।
पूर्व आईएएस शाह फैसल की हिरासत को राज्य सरकार ने सही ठहराया
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल को हिरासत में लिए जाने और नजरबंद रखने के फैसले को सही ठहराया है। फैसल को 14 अगस्त को आईजीआई एयरपोर्ट से हिरासत में लिए जाने पर सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह गैरकानूनी हिरासत में नहीं हैं।
श्रीनगर के डीआईजी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने हलफनामे में कहा है कि फैसल ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद बड़गाम डीएम के शांति बहाल रखने के आदेश पर कबूलनामा देने से मना कर दिया था। इस वजह से उनके अधिकार सीमित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ने फैसल को कोई छात्र वीजा नहीं दिया था। कोई आईएएस अधिकारी इस्तीफा देकर राजनीतिक पार्टी बनाए और अनुच्छेद 370 हटने पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता रहे, यह बात हजम नहीं होती।
जस्टिस मनमोहन व जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ फैसल की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर तीन सितंबर को सुनवाई करेगी। फैसल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जा रहे थे। उन्हें जिस तरीके से बिना ट्रांजिट रिमांड के कश्मीर लाया गया वह अपहरण की श्रेणी में आता है।