प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम की वार्डबंदी का जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसके विरोध में स्वर तेज होने लगे हैं। संभावना है कि बृहस्पतिवार से इसकी शिकायतों का दौर उपायुक्त के पास शुरू हो जाए। सरकार द्वारा शिकायतों के लिए 22 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
निवर्तमान पार्षद, भावी प्रत्याशी, आरडब्ल्यूए व आम लोगों का कहना का कहना है कि भाजपा के लोगों ने वार्डबंदी को अपने हिसाब से कराया है। इसमें वार्डों के क्षेत्र से जो छेड़छाड़ की गई है उससे विकास काफी प्रभावित होगा। नई वार्डबंदी के विरोध में बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
लोगों का कहना है कि अगर यह वार्डबंदी मंजूर हो गई तो क्षेत्र में विकास की बात नहीं होगी। वार्ड नंबर 5 के निवर्तमान पार्षद गजे सिंह कबलाना का कहना है कि वार्डबंदी का जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है वह ठीक नहीं है। ऐसा कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। जिन्होंने अपने क्षेत्र में पांच सालों तक काम कराया है उनके क्षेत्र बिखेर दिए हैं।
गुड़गांव सिटिजन काउंसिल के अध्यक्ष आरएस राठी ने कहा कि विभिन्न आरडब्ल्यूए की बैठक इस मुद्दे पर हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएलएफ कुतुब एंक्लेव आरडब्ल्यूए, रिजवुड आरडब्ल्यूए, मारुति विहार आरडब्ल्यूए व सरस्वती कुंज आरडब्ल्यूए सहित अन्य एसोसिएशन वार्डबंदी के विरोध में शिकायत दर्ज कराएंगी।
वार्ड नंबर एक के निवर्तमान पार्षद ऋषि राज राणा ने कहा कि यह वार्डबंदी काफी बोगस है। इसके खिलाफ शिकायत भी की जाएगी और कोर्ट जाने की भी तैयारी है। अभी वार्डबंदी के नोटिफिकेशन के पांच दिन बाद भी बुधवार को जिला उपायुक्त के पास कोई शिकायत नहीं आई थी।