डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा कैशलेस लेनदेन के प्रति जागरूकता के लिए वाईएमसीए विश्वविद्यालय से कोलकाता तक अभियान चला रहे बाइक राइडर जॉयदीप को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार और कुलसचिव डा. एसके शर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
चक्रवर्ती पांच दिन में अपनी यात्रा पूरी करेंगे। इस मौके पर कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने जॉयदीप के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में जब शीत लहर चल रही हैए ऐसे में केवल पांच दिनों में मोटर साइकिल पर इतना बड़ा रास्ता तय करना एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि जिस विषय को लेकर जॉयदीप जागरूकता अभियान चला रहे है, यह सराहनीय है। पेशे से आईटी विशेषज्ञ जॉयदीप यात्रा के दौरान आगरा, कानपुर, वाराणसी, औरंगाबाद, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से होते हुए कोलकता पहुंचेंगे।
वे प्रतिदिन लगभग 300 किलोमीटर का रास्ता तय करेंगे। इस दौरान जॉयदीप अलग-अलग जगह पर लोगों से मिलेंगे तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था और कैशलेस लेनदेन से होने वाले फायदों, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता और सड़क नियमों को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे।
मेरा मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझे हुए दूसरों को देश हित में कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा तो देश में बदलाव अवश्य आयेगा। उनका आदर्श वाक्य ‘ईच वन टीच वन’ है। जिसका अर्थ प्रत्येक व्यक्ति किसी एक व्यक्ति को सिखाए।- जॉयदीप चक्रवर्ती, बाइक राइडर