एयर इंडिया ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एयरलाइन ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 7 मई दोपहर 12 बजे तक रद्द कर दी हैं।
एयर इंडिया ने कहा, "जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट हवाई अड्डों के बंद होने की विमानन अधिकारियों की अधिसूचना के बाद इन स्टेशनों से आने-जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानें 10 मई को सुबह 0529 बजे तक रद्द की जा रही हैं।"
एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ा जा रहा है। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।"
वहीं, इंडिगो ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इंडिगो ने लिखा- 'क्षेत्र में हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण, श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़ और धर्मशाला से आने-जाने वाली हमारी उड़ानें प्रभावित हुई हैं।'
वहीं, स्पाइसजेट के ने बताया कि मौजूदा स्थिति के कारण, धर्मशाला (डीएचएम), लेह (आईएक्सएल), जम्मू (आईएक्सजे), श्रीनगर (एसएक्सआर) और अमृतसर (एटीक्यू) सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवाई अड्डे अगली सूचना तक बंद हैं।
अकासा एयरलाइंस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि 'क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण, श्रीनगर हवाई अड्डे को नागरिक परिचालन के लिए बंद कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, श्रीनगर से आने-जाने वाली हमारी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
भारत ने पाकिस्तान के इन 9 ठिकानों को क्यों बनाया
मंगलवार आधी रात के बाद भारत ने समन्वय तरीके से ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें आतंक के वो अहम ठिकाने शामिल हैं, जो लंबे समय से आतंकियों की पनाहगाह बने हुए थे। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में जिन नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया है, उनमें बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट, भीमबेर, गुलपुर, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद के इलाके शामिल हैं।
पहगाम में धर्म पूछकर आतंकियों ने की थी हत्या
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ। उसमें 25 पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत इसका जवाब देगा। इसके बाद 29 अप्रैल को सेना के तीनों प्रमुखों, सीडीएस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समेत वरिष्ठ मंत्रियों के साथ हुई बैठक में भी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का जवाब किस तरह होगा और कब होगा, यह तय करने के लिए सेना को खुली छूट दी गई है। इसके बाद यह तय हो गया था कि भारत जल्द कार्रवाई करेगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैय्यबा, हिजबुल, मसूद अजहर और हाफिज सईद के ठिकानों को निशाना बनाया।
ऑपरेशन सिंदूर ही नाम क्यों?
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम स्थित पर्यटक स्थल पर आतंकियों ने गोलियां बरसाई थीं। इन आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछा था। हिंदू पुरुषों को अलग किया और उनके परिवार के सामने उन्हें गोली मार दी। हमले में कई महिलाओं ने अपने पति को खोया। इनमें से कुछ महिलाओं की कुछ ही दिन पहले शादी हुई थी और वे पति के साथ पर्यटन के लिए पहलगाम आईं थीं। इस हमले में जिन महिलाओं के माथे का सिंदूर छिन गया, उन्हीं के सम्मान में एक संदेश देने के लिए भारत ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया।
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