वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना के जवानों ने चार दिन में शत्रु को धूल चटाकर उसे अपनी जगह दिखा दी। हमारी सेना के जवानों ने 1947 से लेकर अब तक हर मौके पर इतिहास रचा है। साथ ही दुनिया के सामने साबित कर दिया है कि सैन्य परिणामों को आकार देने में वायु शक्ति का प्रभावी उपयोग कैसे किया जा सकता है।
प्रदर्शनी में राफेल और हरक्यूलिस से लेकर मिग-21 का रहा आकर्षण
स्थापना दिवस के मौके पर परेड ग्राउंड में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को प्रदर्शनी में रखा गया। इस माैके पर आखिरी बार प्रदर्शनी में सजाया गया मिग-21 और राफेल, सुखोई एसयू-30, एमकेआई व मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान आकर्षण का केंद्र रहे। इनके साथ-साथ भारत के स्वदेशी विमानों ने भी प्रदर्शनी में लोगों को आकर्षित किया।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखा वायुसेना का पराक्रम
कार्यक्रम में शामिल डॉ. संदेश तिवारी ने कहा कि वह बचपन से ही पापा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होती रही हैं। वायुसेना के पराक्रम से बखूबी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने अपने पराक्रम को दिखाया और दुनिया भर में अपनी वीरता का का लोहा मनवाया है।
अपनों का अदम्य साहस देख निकले खुशी के आंसू
कार्यक्रम में शामिल हुईं पारस मोनी ने कहा कि यहां आकर जब पति को परेड करते हुए देखा तो खुशी से आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का अदम्य साहस देख मन खुशी से भर उठता है। हमारी सेना दुनिया की सबसे बहादुर सेना है।
समारोह में शामिल हुए परिजन जवानों के साहस पर जताया गर्व
स्थापना समारोह में वायुसेना में तैनात जवानों के परिजन भी शामिल हुए। उनका उत्साह देखते बन रहा था। किसी की मां तो किसी की पत्नी व बेटी माैजूद थीं। देश के दूरदराज क्षेत्रों से आए परिजनों ने अपनों की वीरता पर गर्व जताया। ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा या पति न केवल उनकी चिंता करते हैं बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं।