दक्षिण जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) अब तक 100 बच्चों को ढूंढकर उनके परिवारों को खुशी दे चुकी है। दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा बच्चे यूपी से ढूंढे गए हैं। बरामद 100 बच्चों में से 80 बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम है। दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर का कहना है कि बच्चों को ढूंढने का अभियान जारी है। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने 50 से ज्यादा बच्चों को ढूंढने पर बारी से पहले तरक्की देने की घोषणा कर रखी है।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि जिल की एएचटीयू ने वर्ष 20 में अभी तक 100 बच्चों को ढूंढा है। इनमें से 80 बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम है। घर से गायब हुए इन बच्चों को न केवल दिल्ली बल्कि बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी बंगाल से ढूंढा गया है। उन्होंने बताया कि गायब हुए 100 में से 63 बच्चों को दिल्ली में ही ढूंढा गया। दिल्ली में सबसे ज्यादा बच्चे 58 दक्षिण दिल्ली से ही, जबकि दिल्ली के बाकी हिस्से पांच बच्चों को ढूंढा गया।
इसके अलावा दिल्ली से बाहर हरियाणा से छह, यूपी से 17, मध्यप्रदेश से तीन, बिहार से छह, छत्तीसगढ़ व झारखंड से एक-एक और पश्चिमी बंगाल से तीन बच्चों को ढूंढा गया। अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि गुमशुदा बच्चों को ढूंढने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। एएचटीयू के अलावा थाना पुलिस को गुमशुदा बच्चों को ढूंढने के आदेश दिए गए हैं।