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एंटीजन जांच से एक फीसदी मरीजों की ही पहचान, गृहमंत्री संग बैठक के बाद आरटी पीसीआर जांच का दायरा बढ़ा

Sun, 06 Dec 2020 08:36 AM IST
शाहरुख खान परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस: जांच के लिए सैंपल देते लोग - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में भले ही संक्रमण दर अब पांच फीसदी से कम हो, लेकिन इसकी जांच को लेकर अगर तकनीकों के बीच अंतर देखा जाए तो एंटीजन जांच फिसड्डी साबित होगी। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में कोरोना की सस्ती जांच को अपनाने से केवल एक फीसदी संक्रमित मरीजों की पहचान हो पा रही है। 
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वहीं, आरटी पीसीआर जांच बढ़ाने से इससे कई गुना अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर बीते एक दिसंबर को दिल्ली में 78, 949 नमूनों की जांच हुई थी। इनमें से 36,370 सैंपल की आरटी पीसीआर जांच हुई थी और बाकी एंटीजन किट्स के जरिये जांचा गया था। 

आरटी पीसीआर जांच 8.99 फीसदी संक्रमित मिले, जबकि एंटीजन में केवल 1.58 फीसदी। 19 अक्तूबर से एक दिसंबर के बीच जांच की स्थिति देखें तो
दिल्ली में आरटी पीसीआर के जरिये एक दिन में 30 फीसदी नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जबकि एंटीजन जांच की 8.39 फीसदी। 



जानकारी के अनुसार एक एटीजन किट करीब 400 से 500 रुपये में पड़ती है। जबकि एक आरटी पीसीआर जांच पर करीब दो से तीन हजार रुपये तक का खर्च आता है। 
 
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ऐसे में दिल्ली सहित देश के अधिकतर राज्य एंटीजन किट्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। क्योंकि यह महज आधा घंटे में होने वाली जांच है और आरटी पीसीआर के लिए कम से कम चार घंटे लगना जरूरी है। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना संक्रमण को लेकर शुरू से हो दिल्ली सरकार ने एंटीजन जांच पर भरोसा जताया है। 

प्रो रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने से पहले तक रोजाना सबसे ज्यादा जांच एंटीजन किट्स के जरिये हो रहीं थीं।

गृहमंत्री संग बैठक के बाद आरटी पीसीआर जांच का दायरा बढ़ा
15 नवंबर को गृहमंत्री के साथ बैठक के 10 दिन बाद दिल्ली में आरटी पीसीआर जांच का दायरा बढ़ा है। जबकि प्रतिदिन होने वाली जांच और अलग-अलग तकनीक के जरिये मिलने वाले पर संक्रमित सैंपल की स्थिति देखें तो एंटीजन जांच पर भरोसा समय और बजट दोनों की बर्बादी है 

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 19 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच दिल्ली में सबसे ज्यादा संक्रमित सैंपल 7 नवंबर को मिले थे। जब एक दिन में 15982 सैंपल की जांच आरटी पीसीआर के जरिये और 30.20 फीसदी नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी दिन दो गुना अधिक 34772 सैंपल की जांच एंटीजन किट्स के जरिए हुई थी लेकिन 3.39 फीसदी नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
 
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