राजधानी में प्रदूषण को देखते हुए ग्रीन पटाखों की बिक्री व उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है। केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेता ही इनकी बिक्री कर सकेंगे। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दीपावली और गुरु पर्व के अवसर पर रात्रि आठ से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। क्रिसमस और नए वर्ष के अवसर पर इसकी अनुमति रात्रि 11:55 से 12:30 बजे तक रहेगी।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजधानी में सिर्फ लाइसेंस प्राप्त विक्रेता ही ग्रीन पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। दूसरी ओर पटाखों की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट को ऑर्डर न लेने के लिए भी निर्देश दिया गया है। गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस उपायुक्त को आदेश के पालन को लेकर प्रतिदिन की एक्शन रिपोर्ट दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी में जमा करने का निर्देश दिया है। प्रदूषण नियंत्रण समिति और पुलिस की 11 टीम पटाखे बनाने वाली फैक्टरियों का निरीक्षण करेंगी, जिससे कोई पुराना स्टॉक जमा न रह सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में प्रदूषण के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री को अनुमति दी थी। ग्रीन पटाखों में अन्य पटाखों की तुलना में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे केवल 30 फीसदी पदार्थ ही शामिल होते हैं। इनमें कम प्रदूषण होता है। इसके लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा ग्रीन पटाखों को तैयार करने का काम दिया गया था, लेकिन लाइसेंस की जरूरतों को देखते हुए बहुत कम संख्या में ही ग्रीन पटाखे मार्केट में उपलब्ध हो सके थे।