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इस दिवाली पर जलाए जा सकेंगे केवल ग्रीन पटाखे, मंत्रीजी का अभियान 3 नवंबर से

Thu, 29 Oct 2020 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, 3 नवंबर से शुरू होगा पटाखा विरोधी अभियान
  • डीपीसीसी की 11 टीमें होंगी गठित, प्रदूषण रोकने के लिए सरकार कर रही कवायद
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विस्तार
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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस बार दीवाली पर केवल ग्रीन पटाखों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग करने की इजाजत होगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दीपावली पर पटाखे जलाने से राजधानी की हवा काफी जहरीली हो जाती है और इसका लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ता है। दिल्ली सरकार 3 नवंबर से पटाखा विरोधी अभियान शुरू करेगी। इसके मद्देनजर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) की 11 टीमें गठित की जा रही हैं, जबकि पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

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पर्यावरण मंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि कोविड-19 महामारी के कारण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ‘नो पटाखा’ अभियान शुरू करें। पटाखे और पराली जलने से होने वाला धुआं दिल्ली के प्रदूषण को और बढ़ाएगा।

दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता कर पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से ‘युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है। पिछले करीब एक महीने से धूल प्रदूषण के खिलाफ एंटी डस्ट कैंपेन और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान के साथ पराली की समस्या से निपटने के लिए बायो डी कंपोजर का छिड़काव, इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, ट्री ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी पर अमल के साथ साथ दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट की काफी नजदीक से निगरानी की जा रही है। 
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सीएम आज लांच करेंगे ग्रीन दिल्ली एप
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बृहस्पतिवार को ‘ग्रीन दिल्ली एप’ लांच करेंगे। इसके बाद दिल्ली में इन अभियानों में अगर कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो उन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए ग्रीन दिल्ली एप को लांच किया जा रहा है।

उत्पादकों की सूची आज होगी अपलोड
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 23 अक्तूबर 2018 के आदेशानुसार दिल्ली में केवल ग्रीन पटाखों का उत्पादन, बिक्री और उपयोग की इजाजत दी है। ग्रीन पटाखे में पायरोटेक्निक फायर वर्क्स के साथ ईंधन और ऑक्सीडाइजर मिलाया जाता है, जबकि सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्व काफी कम मात्रा में होते हैं। दिल्ली और देशभर में 93 उत्पादक एजेंसियां  ग्रीन पटाखों का उत्पादन करती हैं। डीपीसीसी की वेबसाइट पर ग्रीन पटाखों के पंजीकृत उत्पादकों की सूची बृहस्पतिवार को अपलोड कर दी जाएगी। वहीं, एंटी क्रैकर स्पेशल स्कवॉड में 5 पर्यावरण मार्शल भी होंगे।

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