फरीदाबाद में विद्यार्थियों को कोविड 19 के दौर में मोबाइल एप से पढ़ाने वाले शिक्षक एप के जरिए प्रशिक्षण लेने में असहज महसूस कर रहे हैं। वे लामबंद होकर सरकार के सामने अपनी असुविधाओं, बढ़ती उम्र व टेक सेवी न होने जैसी परेशानियां रखने की योजना बना रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन का प्रशिक्षण उनकी समझ से परे हैं। एक साथ कई एप चलाना भी उनके लिए परेशानी का सबब है। ऐसे में आमने-सामने बैठकर दिया जाने वाला प्रशिक्षण ही सार्थक है। वह उसी में सुविधा व सहजता महसूस करते हैं।
9 नवंबर को सेक्टर-16 के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बैठक आयोजित की गई है। इसमें जिला स्तरीय राजकीय स्कूल शिक्षक संगठनों की तालमेल समिति बनाई जाएगी। प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष व जिला फरीदाबाद के प्रधान चतर सिंह ने बताया कि काफी अध्यापक उम्रदराज हैं, जिन्हें ऑनलाइन पढ़ाने या किसी अन्य एप का प्रयोग करने में परेशानी होती है।
अध्यापकों को सामने बैठाकर प्रशिक्षण कराना चाहिए। राज्य के सभी शिक्षक संगठनों ने नए एप का विरोध करने की तैयारी की है। राज्य स्तर और जिला स्तर पर तालमेल समिति बनाई गई है। जो शिक्षकों पर जबरन थोपे जा रहे एप के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा बनाएगी।
हसला के जिला प्रधान एसके दलाल, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ) के जिला प्रधान भीम सिंह, हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के जिला प्रधान रघु वत्स, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान संजीत डबास, हरियाणा विद्यालय मौलिक अध्यापक संघ के जिला प्रधान उदयबीर सिंह गिल, हरियाणा अनुसूचित जाति अध्यापक संघ के जिला प्रधान समय सिंह सहित जिले के सभी शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों को समिति में रखा गया है।