हाईकोर्ट ने ऑनलाइन सामान खरीदने वालों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सख्त कदम उठाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि ऑनलाइन कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि जो सामान बेचा जा रहा है वह बड़े ब्रांड की डुप्लीकेट तो नहीं है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश एक विदेशी जूता कंपनी क्रिश्चिन लोबोटिन की याचिका पर फैसला दिया है।
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने अपने फैसले में कहा कि ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म की आड़ में नकली सामान बनाने व बेचने वाले इस तरह की साजिश करके बच नहीं सकते। अगर नकली सामान बेचने वाले विदेश में बैठे हैं तो भी असली कंपनी व ट्रेड मार्क स्वामी को असहाय नहीं छोड़ा जा सकता है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि ऑनलाइन बिक्री साइटों को सावधानी से काम करना चाहिए।
हाईकोर्ट ने यह राय महिलाओं के लिये जूते बनाने वाली विदेशी कंपनी क्रिश्चियन लोबोटिन की याचिका का निबटारा करते हुए दी है। याची कंपनी का दावा था कि ई-कॉमर्स साइट डर्विस.कॉम उसके नाम से घटिया व नकली जूते बेच रही है। याची कंपनी के आग्रह के मद्देनजर हाईकोर्ट ने कई निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा डर्विस.कॉम अपनी साइट पर सामान व विक्रेता का पूरा ब्योरा देगी। इसके अलावा वह विक्रेता से प्रमाण पत्र लेगी कि साइट पर बेचा जा रहा सामान नकली नहीं है। अगर विक्रेता विदेश में है तो ई-कॉमर्स साइट पहले निर्माता कंपनी सामान की गुणवत्ता की पुष्टि करेगी। अगर वह देश में है तो ई-कॉमर्स साइट सामान की गुणवत्ता व वास्तविक के लिए उसके साथ एग्रीमेंट करेगी।